साहिबगंज: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अखिल कुमार के मार्गदर्शन में रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत कक्ष में पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर जिलास्तरीय मल्टी स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन आयोजित किया गया. इसके साथ विधिक जागरुकता प्रदर्शनी भी लगायी गयी, जिसमें पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना व बाल संरक्षण संबंधी कानूनों की जानकारी दी गयी. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम-सह-विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) गुलाम हैदर ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाला विशेष एवं बाल हितैषी कानून है. इसका उद्देश्य पीड़ित बच्चों को सुरक्षित वातावरण में त्वरित, निष्पक्ष एवं संवेदनशील न्याय उपलब्ध कराना है, उन्होंने कहा कि पुलिस, अभियोजन, स्वास्थ्य विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, विधिक सेवा प्राधिकार और न्यायपालिका के बीच प्रभावी समन्वय तथा वैज्ञानिक व गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान अत्यंत आवश्यक है. जिला लोक अभियोजक अनुराग शुक्ला ने कहा कि समयबद्ध अनुसंधान, प्रभावी अभियोजन और साक्ष्यों की सशक्त प्रस्तुति से ही पीड़ित बच्चों को शीघ्र न्याय मिल सकता है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने बताया कि पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना का लाभ तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है. कार्यक्रम में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, अधिवक्ताओं, पारा विधिक स्वयंसेवकों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बाल अधिकारों की सुरक्षा तथा पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी अनुपालन के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया.
