एक डॉक्टर के भरोसे चला सदर अस्पताल, मरीजों और बच्चों के परिजन परेशान प्रतिनिधि, साहिबगंज सदर अस्पताल में मंगलवार को स्वास्थ्य व्यवस्था काफी हद तक एक डॉक्टर के सहारे चलती रही. इमरजेंसी, एसएनसीयू और बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी डॉक्टर आशुतोष कुमार संभालते नजर आए. बढ़ती गर्मी के बीच मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. रोस्टर के अनुसार इमरजेंसी की ड्यूटी डॉक्टर आशुतोष कुमार की थी. वह समय पर अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का इलाज करने लगे. गर्मी बढ़ने के कारण अस्पताल में लगातार मरीज पहुंच रहे थे, जिनमें बच्चों की संख्या भी अधिक थी. इधर प्रथम तल्ला पर बच्चों को दिखाने पहुंचे परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. डॉक्टर के चेंबर के बाहर लंबी कतार लगी रही, लेकिन डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड की व्यस्तता के कारण लगातार ऊपर-नीचे आते-जाते रहे. इमरजेंसी में भीड़ कम होने पर वह बच्चों को देखने प्रथम तल्ला पहुंचते और फिर नीचे लौटकर इमरजेंसी मरीजों का इलाज करने लगते. इसके अलावा डॉक्टर आशुतोष कुमार को एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं का रूटीन चेकअप भी करना पड़ा. कई परिजन अपने बच्चों को दिखाने के इंतजार में रहे, जबकि कुछ लोग बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए. स्थिति उस समय और चुनौतीपूर्ण हो गई जब डॉक्टर को पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ी. बाद में इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एक अन्य डॉक्टर को बुलाया गया, जिसके बाद मरीजों का इलाज सामान्य रूप से शुरू हो सका. क्या कहते हैं पदाधिकारी रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी है. दोनों शिशु रोग विशेषज्ञों की अलग-अलग दिनों में राजमहल अस्पताल में ड्यूटी लगने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई. उन्होंने कहा कि जल्द ही रोस्टर में फेरबदल कर व्यवस्था को बेहतर बनाया जायेगा. डॉ देवेश कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
इमरजेंसी, एसएनसीयू और बच्चों की ओपीडी संभालते रहे डॉ आशुतोष
सदर अस्पताल में मंगलवार को केवल एक डॉक्टर आशुतोष कुमार के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चलीं, जिससे मरीजों और परिजनों को भारी परेशानी हुई। बढ़ती गर्मी में मरीजों की संख्या ज्यादा होने से अस्पताल में अफरातफरी रही। डॉक्टर ने इमरजेंसी, बच्चों का इलाज और नवजात शिशुओं के चेकअप की जिम्मेदारी संभाली। भीड़ के कारण कई मरीज वापस लौट गए। बाद में एक अन्य डॉक्टर को बुलाकर स्थिति नियंत्रित की गई। पदाधिकारियों ने रोस्टर सुधार का आश्वासन दिया है।
