उधवा के चार विद्यालयों में घुसा बाढ़ का पानी, पठन-पाठन प्रभावित

मुख्य ग्रामीण सड़क पर पानी चढ़ने से सैकड़ों लोगों का सीधा कनेक्शन टूटा

उधवा. अंचल के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से पूरा टापू जलमग्न हो गया है. इससे स्थानीय लोगों में हाहाकार मचा हुआ है. स्थानीय लोग सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं. इसके अलावा बाढ़ का पानी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में संचालित विद्यालयों में पानी प्रवेश गया है. इससे विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित होगा. साथ ही दियारा क्षेत्रों के विभिन्न पंचायतों के कई गांवों-टोला में दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ गयी है. मवेशियों को लेकर परेशानी उत्पन्न हो गयी है. प्रखंड के गंगा नदी से सटे पांच पंचायतों में पानी प्रवेश कर चुका है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार उधवा के उत्तर पलासगाछी, दक्षिण पलासगाछी, पश्चिम प्राणपुर, पूर्वी प्राणपुर, श्रीधर दियारा पंचायत के विभिन्न स्थानों में पानी प्रवेश कर गया है. पूर्वी प्राणपुर पंचायत के हाफू टोला, जीतनगर तथा मुर्तुज टोला, श्रीधर दियारा पंचायत के श्रीधर साहेब टोला के कई घरों एवं प्राथमिक विद्यालय श्रीधर साहेब टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इसके अलावा शांति मोड़ से श्रीधर कॉलोनी नंबर-10 तक जाने वाले मुख्य ग्रामीण सड़क पर पानी चढ़ जाने से सैकड़ों परिवारों का सीधा कनेक्शन टूट गया है. इधर, दक्षिण पलासगाछी पंचायत अंतर्गत गोल ढाब (चूआर) में सोलर प्लांट सहित घरों के नजदीक पानी पहुंच गया है. गौरतलब हो कि बाढ़ का पानी लगातार तेज गति के साथ बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी भय सता रहा है. इन क्षेत्रों में कटाव भी तेजी से हो रहा है, जिससे लोग भयभीत हो रहे हैं. प्राप्त सूचना के आधार पर यूपीएस तैमूर टोला, यूपीएस साहेबनगर, यूपीएस महेश बथान, यूपीएस श्रीधर साहेबटोला आदि विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे विद्यालय में पठन-पाठन नहीं हो पाएगा. पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया जा सकता है. श्रीघर पंचायत अंतर्गत साहेब टोला गांव में सेहबूद शेख, सेराजुल शेख, इसराउल शेख सहित अन्य के घर में पानी घुस गया है. वहीं पूर्वी प्राणपुर पंचायत के जियाउल शेख, रिदोय मंडल, अंजलि मंडल, गौतम मंडल सहित अन्य दर्जनों घरों में पानी प्रवेश कर गया है. ग्रामीणों ने अत्यधिक परेशानी होने से पहले ही प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए राहत शिविर केंद्रों में मूल व्यवस्था की जाए. कहते हैं परियोजना बीपीओ : विद्यालय में पानी प्रवेश होने का लिखित आवेदन नहीं आया है. यदि बाढ़ का पानी विद्यालय में प्रवेश हो जाता है, तो बच्चों के पठन-पाठन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. – अटल बिहारी भगत, बीपीओ उधवा, शिक्षा परियोजना क्या कहते हैं बीडीओ : लगातार जलस्तर की वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर उधवा में सात राहत शिविर केंद्र बनाया गया है. संभावित बाढ़ क्षेत्र की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. राहत शिविर केंद्रों में मानव चिकित्सा, पशु चिकित्सा, आपदा मित्र आदि की तैनाती रहेगी. साथ ही प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी ताकि किसी को कोई परेशानी न हो. – जयंत कुमार तिवारी, बीडीओ सह सीओ, उधवा

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Published by: Abdhesh singh

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