राजमहल. विधायक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने विधानसभा में सदन की कार्रवाई के दौरान तारांकित प्रश्न पटल पर रखते हुए कहा कि गंगा कटाव साहिबगंज जिले की मुख्य समस्या है. झारखंड के एकमात्र साहिबगंज जिला में 83 किलोमीटर गंगा नदी प्रवाह होती है. प्रत्येक वर्ष तीन महीने बाढ़ और गंगा कटाव का दंश क्षेत्र के लोगों को झेलना पड़ता है. कटाव की चपेट में हजारों एकड़ भूमि, पंचायत भवन, विद्यालय सहित कई गांव गंगा नदी में समा गए हैं. सदन के माध्यम से उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 900 मीटर गंगा कटाव निरोधी कार्य करने का आश्वासन दिया गया है. वर्तमान में 600 मीटर का कार्य चल रहा है जबकि आवश्यकता के अनुरूप यह काफी कम है. इसलिए विभाग की ओर से बाढ़ के महीने से पूर्व सर्वे करते हुए सभी कटाव क्षेत्र में कटावनिरोधी कार्य कराने की पहल की जाए. विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से भी विभाग को इस पर सकारात्मक पहल करने का निर्देश दिया गया है. विधायक ने कहा कि विभाग यह सर्वे करे कि गंगा कटाव से किसानों की कितनी भूमि गंगा नदी में समा गयी और विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास एवं उसके मुआवजा की दिशा में क्या पहल हुई है. वहीं राजमहल विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सिंचाई नल की साफ-सफाई की मांग भी सदन में रखी गयी. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई योग्य भूमि है लेकिन सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भूमि अनुपयोगी हो जाती है. इस दिशा में भी कार्य करने की आवश्यकता है. इधर, विधायक द्वारा सदन में गंगा कटाव निरोधी कार्य को रखे जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि गंगा कटाव निरोधी कार्य होता है तो निश्चित ही क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी.
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