मिर्ज़ाचौकी रेलवे पटरी किनारे मिला शव

मिर्झाचौकी गांव के निवासी शंकर चौधरी की रेलवे पटरी के किनारे मृत हालत में पहचान हुई�� उनके पुत्र पंकज चौधरी ने बताया कि शंकर ताड़ी उतारने गए थे और देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। सुबह तेतरिया गांव के पास उनकी लाश मिली, हाथ-पैर कड़े थे। पिता खजूर के पेड़ से ताड़ी उतारते थे और नशा करते थे। संभावना है कि रेलवे लाइन पार करते समय लोहे से चोट लगने से उनकी मौत हुई। शंकर की पत्नी, पुत्री और पुत्र अत्यंत दुखी हैं और वे लगातार रो रहे हैं। परिवार ने देर रात तक उनकी खोज की, लेकिन वे नहीं मिले। (शब्द: 109)

प्रतिनिधि, मंडरो. मिर्ज़ाचौकी रेलवे पटरी के किनारे ग्रामीणों ने एक मृत व्यक्ति देखा, जिसकी पहचान मिर्झाचौकी उत्तरी महादेववरण निवासी शंकर चौधरी के रूप में हुई. मृतक के पुत्र पंकज चौधरी ने पिता की पहचान की. पंकज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि शंकर चौधरी शनिवार को घर से ताड़ी उतारने के लिए गया था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा. पिता के न लौटने पर परिवार ने रात में उनकी खोजबीन की, पर वे नहीं मिल पाए, इसलिए वे सो गए. सुबह तेतरिया गांव के पास रेलवे पटरी के किनारे एक वृद्ध व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली. वे वहां पहुंचे तो पाया कि वह उनके पिता शंकर चौधरी थे. पंकज ने जमीन पर पड़े पिता को जगाने का प्रयास किया, लेकिन पता चला कि वे मृत हो चुके थे और उनके हाथ-पैर अकड़ गए थे. पंकज ने बताया कि उनके पिता खजूर के पेड़ से ताड़ी उतारने का काम करते थे और नशा भी करते थे. संभवत: ताड़ी लाते समय रेलवे लाइन पार करते हुए लोहे से चोट लगने की वजह से उनकी मौत हुई. इस बीच, शंकर चौधरी की पत्नी, पुत्री और पुत्र अत्यंत दुखी हैं तथा वे लगातार रो रहे हैं.

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By Sunil thakur

साहिबगंज : सुनील ठाकुर वर्ष 1999 से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने एक वर्ष तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए भी कार्य किया है. शिक्षा, अपराध और संताल परगना में पहाडिया जनजाति जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ रही है तथा इन मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं. कला, संस्कृति एवं साहित्य में उनकी गहरी रुचि है. वर्ष 2006 से साहिबगंज में जिला संवाददाता व ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं.

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