समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में डीसी सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में शनिवार को पशुपालन, गव्य विकास एवं भूमि संरक्षण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लाभुक चयन प्रक्रिया, वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गयी. बैठक के दौरान डीसी ने भूमि संरक्षण विभाग अंतर्गत तालाब निर्माण, परकोलेशन टैंक, जलनिधि योजना, डीप बोरिंग, पम्पसेट वितरण, मिनी ट्रैक्टर योजना एवं चेकडैम निर्माण योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि पहाड़ी एवं जलस्तर प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का चयन किया जाये, ताकि जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा को बढ़ावा मिल सके. डीसी ने कहा कि जल संरक्षण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ाने और भू-जल स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का नियमित निरीक्षण कर सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. तालाब निर्माण एवं गहरीकरण कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया, प्राक्कलन, मापी एवं भुगतान प्रक्रिया की भी समीक्षा की गयी. डीसी ने योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप करने पर बल दिया. बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, संबंधित कनीय अभियंता, लिपिक व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.