15 वर्षों से फूस की कुटिया में चल रहीं कक्षाएं

15 वर्षों से फूस की कुटिया में चल रहीं कक्षाएं

प्रतिनिधि, तालझारी राजमहल प्रखंड अंतर्गत गदाई दियारा पंचायत स्थित उत्क्रमित विद्यालय फूलचंद टोला आज भी अपने भवन के बिना संचालित हो रहा है. इस विद्यालय की कक्षाएं फूस की कुटिया में लगती हैं, जिससे विद्यार्थियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने उत्क्रमित विद्यालय के लिए भवन, शौचालय, चापाकल, किचन शेड और चारदीवारी की मांग की है. बुधवार को विद्यालय की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यह विद्यालय पिछले 15 वर्षों से भवन के बिना संचालित हो रहा है. विद्यालय की स्थापना वर्ष 2003 में की गयी थी और प्रारंभ में इसका भवन दियारा क्षेत्र में स्थित था. परंतु 2010 में गंगा कटाव के कारण विद्यालय भवन गंगा में विलीन हो गया. इसके बाद से विद्यालय गदाई दियारा मौजा में संचालित किया जा रहा है, लेकिन अब तक इसे नया भवन नहीं मिल पाया है. शौचालय की सुविधाएं नहीं, एमडीएम में भी परेशानी विद्यालय को ग्रामीणों की मदद से फूस की कुटिया बनाकर चलाया जा रहा है. यहां शौचालय की भी कोई सुविधा नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है. मध्यान्ह भोजन बनाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. प्रधानाचार्य ने बताया कि कई बार विभाग को लिखित आवेदन देकर विद्यालय भवन, शौचालय, किचन, चापाकल और चारदीवारी के निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक इस पर कोई पहल नहीं की गई है. इसके अलावा, पूर्व में जनता दरबार में भी इस संबंध में आवेदन दिया गया था. भवन के लिए 15 कट्ठा जमीन, फिर भी नहीं हुई पहल विद्यालय भवन के निर्माण के लिए 15 कट्ठा जमीन उपलब्ध है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विद्यालय में कुल 68 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जो कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत हैं. सहायक शिक्षक प्रभु दयाल महतो विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं. विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द विद्यालय भवन के निर्माण की मांग की है ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके. विद्यालय में कक्षावार बच्चों की संख्या वर्ग 1- बच्चे 7,वर्ग 2-बच्चे 6,वर्ग 3 बच्चे 10,वर्ग 4 बच्चे 5,वर्ग 5 बच्चे 12,वर्ग 6 बच्चे 11,वर्ग 7 बच्चे 6,वर्ग 8 बच्चे 11 क्या कहते हैं प्रधानाचार्य 2010 के बाद से विद्यालय भवन विहीन है. विद्यालय में किसी प्रकार का सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार विभाग को विद्यालय भवन, शौचालय, चापानल आदि निर्माण के लिए आवेदन दिया गया है. राजेंद्र प्रसाद शर्मा, प्रधानाचार्य क्या कहते हैं बीइइओ विद्यालय भवन को लेकर जमीन उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी ले लेते हैं. इसके बाद भवन निर्माण को लेकर वरीय पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी जायेगी. रवीनचंद्र मंडल, बीइइओ ————————————– गदाई दियारा के उत्क्रमित विद्यालय को भवन की दरकार 2010 में गंगा में विलीन हो गया था भवन, अबतक नहीं बन सका

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By Prabhat Khabar News Desk

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