प्रभात खबर टोली, उधवा, मंडरो, साहिबगंज उधवा पतौड़ा झील में मंगलवार को क्षेत्रीय मुख्य संरक्षक (आरसीसीएफ), सीएफ और जिला वन अधिकारी ने संयुक्त रूप से भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की. इस दौरान नए विकास कार्यों की रिपोर्ट भी तैयार की गयी. जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय मुख्य संरक्षक (आरसीसीएफ) सतीश कुमार राय, सीएफ उमेश साहनी, जिला वन अधिकारी प्रबल गर्ग और रेंजर पंचम दुबे झील पहुंचे. अधिकारियों ने झील का भ्रमण करते हुए वहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया. गौरतलब है कि उधवा पतौड़ा झील को पक्षी अभ्यारण्य के रूप में रामसर साइट घोषित किया गया है, जिसके चलते यहां तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं. डीएफओ प्रबल गर्ग ने बताया कि झील के विकास कार्यों की जांच के दौरान चतराडीह पहाड़ में स्थित जर्जर भवन के जीर्णोद्धार, वॉच टॉवर के निर्माण, झील के सौंदर्यीकरण और जलकुंभी की सफाई जैसे कार्यों की योजना बनाई गई है. इसके अलावा, अधिकारियों ने झील के संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन बनाये रखने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की. आरसीसीएफ सतीश चंद्र राय ने झील के पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि झील के सौंदर्यीकरण और जलस्तर बनाए रखने के लिए उचित उपाय किये जायें. उन्होंने कहा कि यह झील क्षेत्र के पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. निरीक्षण के दौरान वन रक्षी इंद्रजीत कुमार, डॉल्फिन वाचर अजीजूर रहमान और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. इसके बाद आरसीसीएफ सतीश चंद्र राय ने देर शाम मंडरो फॉल्सिस पार्क का भी निरीक्षण किया.
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