सोनू कुमार (पतना) की रिपोर्ट
Sahibganj News: बिहार के भागलपुर स्थित विक्रम सेतु पुल का हिस्सा कुछ दिन पहले टूटकर गिर गया था. गनीमत यह रही कि वहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा से हिरणपुर जाने वाली मुख्य मार्ग पर शिवापहाड़ और मोहबतपुर गांव के बीच खोखरो टोला के पास स्थित पुल का किनारा लगातार धंसकर नीचे जा रहा है. सड़क में इतनी चौड़ी दरारें आ गई हैं कि सफेद पट्टी भी टूटकर अलग हो गई है. पुल के नीचे से मिट्टी खिसक गई है और सड़क का हिस्सा लटकता जा रहा है. सड़क और पुल के बीच गड्ढा जैसा बन गया है.
धंसते पुल पर खतरा, प्रशासन से मरम्मत की मांग की
ग्रामीणों ने अपनी तरफ से पुल के बगल में छोटी सी लकड़ी में लाल झंडा लगा दिया है, लेकिन इससे दुर्घटना को रोका नहीं जा सकता. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. यह बरहरवा-हिरणपुर मुख्य मार्ग है. हर दिन रांची, देवघर, धनबाद, टाटा, बोकारो, दुमका, हजारीबाग के लिए कई यात्री बसें इसी मार्ग से गुजरती हैं. इसके अलावा प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन भी इसी सड़क से आवागमन करते हैं. दिन में तो लोग दूर से दरार और गड्ढा देखकर संभल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में कुछ समझ में नहीं आता है. पिछले कुछ दिनों से लगातार पुल का धंसान बढ़ रहा है. इस मार्ग पर गुजरने वाले सभी बाइक चालक वहां बाइक रोककर चिंतित हो जाते हैं कि अगर अचानक पुल धंस गया और कोई बड़ा हादसा हो गया तो इसके जिम्मेदार कौन होंगे प्रशासन, संवेदक या कोई और? ग्रामीणों ने तुरंत बैरिकेडिंग कर मरम्मत की मांग की है.
2 वर्ष पूर्व बनी यह सड़क जर्जर, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 2 वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से पतना चौक से हिरणपुर तक यह सड़क बनकर तैयार हुई थी, लेकिन निर्माण के कुछ महीने के बाद ही सड़क जर्जर होने लगा. ग्रामीणों के द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधि को इसकी शिकायत की गई. पतना पोस्ट ऑफिस, केंदुआ सत्संग मंदिर मोड, खोखरा टोला, दुर्गापुर, बिरगांव, दुलमी सहित कई जगह पर सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है. कुछ जगह ऊपर से डस्ट भरकर हल्का पीच कर दिया गया लेकिन उसकी भी स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है. उक्त मार्ग पर कई जगह पुल के पास मिट्टी धंस चुका है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले एक बाइक चालक इसी धंसी हुई जगह पर दुर्घटना का शिकार हो चुका है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. प्रशासन अब दुर्घटना का इंतजार कर रहा है.
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