झारखंड की अस्मिता और अधिकार की लड़ाई के प्रेरणास्रोत थे निर्मल महतो

शहादत दिवस पर निर्मल महतो को आजसू कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

साहिबगंज. झारखंड आंदोलन के महानायक व प्रथम आंदोलनकारी स्व. निर्मल महतो के शहादत दिवस पर आजसू पार्टी की ओर से शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष चतुरानंद पांडेय ने की. श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चतुरानंद पांडेय ने कहा कि स्व. निर्मल महतो न केवल झारखंड आंदोलन के प्रखर सेनानी थे, बल्कि वे झारखंड की अस्मिता, अधिकार और सम्मान के सशक्त प्रतीक भी थे. उन्होंने शोषित, वंचित एवं पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया. 8 अगस्त 1987 को उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर यह स्पष्ट कर दिया कि न्याय और स्वाभिमान की लड़ाई में पीछे हटना संभव नहीं. उन्होंने कहा कि निर्मल महतो की संघर्षगाथा आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. वे ऐसे नेता थे, जो जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने को तत्पर रहते थे. अवसर पर विवाह साह, गोविंद पासवान, राजेश राय, शशिकांत दुबे, नारायण सिंह, विजय ओझा, राज, मिथिलेश कुमार यादव, सुशील मुर्मू, इमरान खान, विजय यादव, सुशील यादव, मोहम्मद जैनुद्दीन, धर्मेंद्र कुमार राम, राहुल रजवार, नरेश सोरेन सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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By ABDHESH SINGH

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