सामूहिक कैरोल गीत गाकर प्रभु यीशु का किया स्वागत

कैथोलिक चर्च में देर रात हुई मिस्सा पूजा, सज-धज कर तैयार हो गयी चरनी

साहिबगंज

ईसाई समाज का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस (बड़ा दिन) बुधवार की रात श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर गंगा तट के समीप स्थित कैथोलिक चर्च एवं विनय भवन में विशेष मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु की पूजा-अर्चना की. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के चर्चों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सुसज्जित किया गया. फादर मथियस ने बताया कि 24 दिसंबर की रात को “होली नाइट” यानी पवित्र रात कहा जाता है. उन्होंने कहा कि लगभग दो हजार वर्ष पूर्व मध्य पूर्व एशिया के बैथलेहम नगर में प्रभु यीशु का जन्म हुआ था. उसी रात आकाश में चमकदार तारा दिखाई दिया था, जिसकी भविष्यवाणी पहले ही नबियों द्वारा की जा चुकी थी. यह तारा ईश्वर के पुत्र के धरती पर आगमन का संकेत था. इस पावन अवसर पर चर्चों में विशेष मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया. ईसाई बहुल गांवों और मोहल्लों में रात्रि जागरण का आयोजन हुआ, जहां भजन-कीर्तन और प्रार्थनाओं के माध्यम से प्रभु यीशु के जन्म का उत्सव मनाया गया. बड़तल्ला स्ट्रीट के पास स्थित चर्च में भी श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया.

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Published by: Abdhesh singh

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