शराबबंदी की मांग पर बांझी के ग्रामीणों ने निकाली रैली
बोरियो : सोना संताल समाज समिति, मांझी परगना सरदार संघ व जनप्रतिनिधियों के संयुक्त बैनर तले सोमवार को विरेंद्र मुर्मू के नेतृत्व में शराबबंदी का अभियान चलाया गया. जिसमें बांझी संथाली से सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने पारंपरिक हरवे हथियार से लैस होकर बांझी शहीद स्थल समीप शराब भट्ठी पहुंचे. लेकिन भट्ठी खाली होने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बोरियो : सोना संताल समाज समिति, मांझी परगना सरदार संघ व जनप्रतिनिधियों के संयुक्त बैनर तले सोमवार को विरेंद्र मुर्मू के नेतृत्व में शराबबंदी का अभियान चलाया गया. जिसमें बांझी संथाली से सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने पारंपरिक हरवे हथियार से लैस होकर बांझी शहीद स्थल समीप शराब भट्ठी पहुंचे. लेकिन भट्ठी खाली होने के कारण लोग बांझी बाजार के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुये पुन: शाम 5:00 बजे शहीद स्थल पहुंचे.
यहां पहुंच भीड़ जनसभा में तब्दील हो गयी. जनसभा को संबोधित करते हुये सोना संथाल समाज समिति के नेता ताला हांसदा ने कहा कि शराबबंदी से क्षेत्र में वारदात पर पूर्ण रूपेण से अंकुश लगाया जायेगा. क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़ कर शराबबंदी अभियान में शरिक होकर इसका विरोध करें. ताकि क्षेत्र के लोग भयमुक्त माहौल में अपना जीवन व्यतीत कर सके. हालांकि आंदोलन की सूचना पूर्व से ही होने के कारण बांझी का शराब भट्ठी पूर्ण रूप से खाली था.
इधर प्रशासन से सहयोग की उपेक्षा की गयी थी. लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिला. एएसआई मनोज सिंह ने शराबबंदी पर पहुंच उपस्थित सुदूरवर्ती इलाके को ग्रामीणों से शराबबंदी पर शराब पीने पर मना करने की बात कहते हुए कहा कि शहीद स्थल के समीप असामाजिक तत्वों के जमावड़े स्थल समीप शराब पीने वालो पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
पारंपरिक शस्त्रों से लैस थे ग्रामीण, बंद करायी शराब की भट्टी
रैली निकालते आदिवासी समुदाय के लोग, ग्रामीणों को समझाती पुलिस व सूनी पड़ी शराब भट्ठी. फोटो। प्रभात खबर
समाज पर पड़ता है बुरा असर : मुखिया
शराब के सेवन से समाज पर पूर्णरूपेण बुरा असर पडता है. पिछले कई बार शराब के नशे में धूत लोगों ने समाज को कलंकित करते हुये मर्डर, चोरी व सडक दुर्घटना जैसी घटनाओं को अंजाम देने का कार्य किया है. इसलिये बोरियो पुलिस से अपील है कि शराब के बिक्री पर रोक लगावे ताकि समाज के लोग भयमुक्त जीवन गुजार सके.
स्टीफन मुर्मू, मुखिया, बांझी संथाली
सुनी पड़ी शराब भट्ठी
शराब बंदी को लेकर आंदोलन की सूचना पूर्व से ही होने के कारण बांझी के शराब भट्ठी पर एक भी शराब विक्रेता नहीं दिखे. वहीं सोना संताल समाज समिति के सदस्यों ने बोरियो पुलिस पर क्षेत्र में पूर्णत शराब बिक्री पर अंकुश लगाने को लेकर सहयोग मांगते हुये कहा कि प्रशासन क्षेत्र में बिक रहे देशी शराब पर अंकुश लगाये अन्यथा विकराल जन आंदोलन की रणनीति बनाई जायेगी.
ये लोग थे शामिल
मौके पर बांझी संथाली मुखिया स्टीफन मुर्मू, ताला हांसदा, किस्टोफर टुडू, सिमोन किस्कू, पकु टुडू, तेरेसा हेम्ब्रम, दिलीप हांसदा, चार्लेस मुर्मू, मुंशी हांसदा, फिलोमन मुर्मू, क्लेंमेंट मुर्मू, राजू हांसदा, बेली टुडू, तेरेसा हेम्ब्रम सहित सैंकडों लोग मौजूद थे.