शरीयत मर्द ख्वातिन बेदारी कांफ्रेंस आयोजित
साहिबगंज : देश में तीन तलाक के मसले पर छिड़ी बहस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने गंभीरता लेते इसका विरोध किया है. एलसीरोड में सोमवार की देर रात तहफूज ए शरीयत मर्द ख्वातिन बेदारी कांफ्रेंस आयोजित की गयी. कांफ्रेस की अध्यक्षता जामा मसजिद के पेश इमाम मुफ्ती अंजर हुसैन कासमी ने की. मौके पर मेहमान ए खास मुसलिम बोर्ड पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर व इमारत ए शरीया के नाइब नाजिम हजरत मौलाना मुफ्ती शनाउल होदा ने केंद्र सरकार द्वारा यकसौ सिविल रोड लागू करने की बात की जमकर मजम्मत किया. कहा शरीयत में मुदाखलत नाकाबिले बरदाश्त है. इस्लामिक कानून सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं पूरे दुनिया में एक है.
उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साधते कहा कि शरीयत से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है. उन्होंने उस महिला का नाम लिया जो सिर्फ नाम की मुसलिम है. जो तीन तलाक मसले पर यकसा रोड चाहती है. उसके चाहने से देश की करोडों मुसलिम महिलाओं ने जमकर यकसा रोड का जमकर विरोध कर रही है. जिसका नतीजा देखने को मिल रहा है. रोजाना हजाराें ख्वातिनों भी दस्तखत किये गये फार्म भेज रही है. उन्होंने उपस्थित ख्वातिनों को बताया कि तीन तलाक आखिर होता क्या है और कैसे दिये जाने का हुक्म है. उन्हाेंने कहा कि यह साफ किया कि चाहे जिस तरीका से तलाक दिया हो वह औरत उस मर्द के लिये हराम हो गया है.
आजादी के वक्त बनाये गये संविधानों की ओर भी इशारा करते कहा कि डॉ आंबेडकर भी उस समय कहा कि देश एक जैसा कानून नहीं बनाया जा सकता है. क्यों इस देश में विभिन्न तरह की जातिया है और सभी जातियों का अपना अलग-अलग तरीका है. सभी धर्मों की शादियां अलग-अलग तरह से होती है. अंतिम संस्कार के तरीके अलग है. क्या हुकूमत सभी का तरीका एक कर सकते हैं. ऐसा कभी संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि हुकुमत यूनिफार्म सिविल कोड लाती है तो न सिर्फ मुसलिम समुदाय ही विरोध करेगा बल्कि देश में रह रहे सभी धर्म के लोग विरोध करेंगे. मौके पर हाफिज मुमताज नोमानी, मंच संचालन मौलाना फैसल हसन, मौलाना शमशाह, हाफिज, शफिीक, हाफिज, निमाज, मो रिजवान समेत दर्जनों इंतजामिया कमेटी के सदस्य मौजूद थे.
