पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र कलियाचक, मालदा, बालूरघाट, धुलियान आदि क्षेत्रों से प्रवेश करते रहे हैं घुसपैठिये
बरहरवा : जिस तरह से म्यांमार के तीनों संदिग्ध बरहरवा स्टेशन परिसर से गिरफ्तार किये गये हैं और अपनी सफाई दे रहे हैं. वो संतुष्टि के काबिल नहीं है. महज मजदूरी करने के लिये दो देशों की सीमा अवैध तरीके से लांघ कर भारत पहुंचने की बात हजम नहीं हो रही. हालांकि गिरफ्तार तीनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ जारी है.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये तीनों विदेशी नागरिक बिना पासपोर्ट के भारत में कैसे प्रवेश किये ? क्या बॉर्डर पर उनकी सघन जांच नहीं हो पायी. वहीं कहीं तीनों विदेशी नागरिकों के आइएसआइ से तार तो नहीं जुड़े हुए हैं. इन सारी बिंदुओं पर पूछताछ करते हुए विकल्पों को खंगालने में जुट गया है विभाग. बहरहाल जांच के बाद ही मामले से पर्दा उठ पायेगा.
स्पेशल ब्रांच की टीम भी पहुंची : स्पेशल ब्रांच के एसबीओ युगल किशोर चौधरी भी मामले की जानकारी मिलते ही बरहरवा रेलवे स्टेशन पर पूरे मामले की जानकारी ली. एवं अपने वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया. सरकार भी पूरे मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है.
जांच करने पहुंची सीबीआइ की टीम
तीनों विदेशी नागरिकों के पकड़े जाने की खबर से सुरक्षा एजेंसी व जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गये. सीबीआइ दिल्ली हेड क्वार्टर के निर्देश पर सीबीआइ के डीएसपी शशिभूषण के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिये बरहरवा स्टेशन पहुंची. जहां तीनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ की. म्यांमार की भाषा समझने में कठिनाई होने के कारण दिल्ली व रांची से भाषा एक्सपर्ट व म्यांमार दुतावास के अधिकारियों को सूचित किया गया है. वे अधिकारी बरहरवा पहुंच कर तीनों से पूछताछ करेंगे.
आखिर किसके इशारे पर तीनों संदिग्ध जा रहे थे दिल्ली!
भारत में अवैध रूप से घुसपैठी करने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पूर्व भी बांग्लादेश के हिल्ली, मेंहदीपुर, नीमतीता के रास्ते पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र कलियाचक, मालदा, बालूरघाट, धुलियान आदि क्षेत्रों में घुसपैठी भारत में प्रवेश करते रहे हैं. ताजा मामला म्यांमार के तीन विदेशी नागरिक बांग्लादेश के रास्ते भारत में आखिर किसके इशारे पर प्रवेश किया ये जांच का विषय है. पुलिस पूछताछ में तीनों विदेशी नागरिकों ने एक बांग्लादेश व एक भारत के दलाल का नाम बताया है.
गिरफ्तार तीनों ने बांग्लादेश में तीन महीना गुजारने की बात पुलिस को बतायी है. एसआरपी धनबाद असींत विक्रांत मिंज ने बॉर्डर के संबंधित पदाधिकारियों को मामले की जानकारी दी है. बांग्लादेश-भारत के हिल्ली बॉर्डर पर बीएसएफ के आला अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर ये तीनों घुसपैठी भारत में कैसे प्रवेश किये हैं. बरहरवा जीआरपी थाना प्रभारी अर्जुन तिवारी व आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिन्हा भी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. बरहरवा जीआरपी में कांड संख्या 25/16 भादवि की धारा विदेशी अधिनियम 14 व 12 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है.
धुलियान जलमार्ग से मवेशी भेजे जाते हैं बॉर्डर पार
धुलियान के रास्ते देश के सीमाई अंचल से इकट्ठा किये गये मवेशियों को धुलियान जलमार्ग से बांग्लादेश भेजने की बात बहुत पहले ही सामने आ चुकी है. किस तरह से रात के अंधेरे में मवेशियों को गंगा में उतार दिया जाता है और उसे बांग्लादेश में मछलियों की तरह छांक लिया जाता है. ठीक उसी प्रकार से उक्त तीनों संदिग्ध भी जलमार्ग का ही सहारा लेकर भारत में प्रवेश किया है.
न कोई बैग न कोई सामान
फरक्का एक्सप्रेट ट्रेन के एसी बॉगी में जिस वक्त आरपीएफ के जवानों ने तीनों घुसपैठियों को धर दबोचा उस वक्त तीनों के पास न तो कोई बैग था और न ही कोई सामान. तो आरपीएफ ने इन्हें बरहरवा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर जीआरपी के हवाले कर दिया. पूछताछ में इनलोगों ने बताया कि वे लोग दिल्ली मजदूरी करने जा रहे थे. तो सवाल यह उठता है कि कोई म्यांमार से जलमार्ग के रास्ते बांग्लादेश और फिर वहां से भारत के दिल्ली ही मजदूरी करने क्यों जाते. अगर उन्हें भारत आना ही था तो पासपोर्ट बनवाकर क्यों नहीं आये. इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से जांच एजेंसियां जांच करती है तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.
