आके::: भूकंप आया तो नहीं पता चल पायेगा समय व तीव्रता तकनीकी खराबी के कारण सिसमो मीटर यंत्र नहीं बना पायेगा ग्राफ व लाइनिंगफोटो हेड: राज्य में केवल साहिबगंज व बोकारो में है भूकंप मापक यंत्र साहिबगंज के सिसमोलॉजिकल कार्यालय भवन की छत जर्जरकार्यालय में हो चुकी है चोरी, मशीन को पहुंच चुका है नुकसानचार्जर खराब रहने से बाहर चार्ज होती है बैटरी, तीन चार दिन तक बंद रहता है यंत्रफोटो नंबर 17 एसबीजी 21,23,24,25,26,27,28,30 हैकैप्सन : साहिबगंज भूकंप केंद्र कार्यालयकेंद्र मंें पडा समानलाईिनंग आते मशीन मेंइसी यंत्र से मापा जाता है भूकंपखराब पडा यंत्रजांच करते कर्मीबेकार पडा यंत्रभूकंप कार्यालय वर्तमान समय में मशीन नहीं दे पा रहा है सिसमो ग्राफ पर रिजल्टनगर प्रतिनिधि, साहिबगंज झारखंड राज्य के मात्र दो जिला साहिबगंज व बोकारो के थर्मल पावर हाउस में भूकंप मापक यंत्र लगा है. भूकंप आने की स्थिति में स्थापित दोनों यंत्र झारखंड, बिहार, ओड़िशा सहित पश्चिम बंगाल तक होने वाले भूकंप की स्थिति व तीव्रता की सही-सही जानकारी उपलब्ध कराता रहता है. लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि वर्तमान समय में अगर भूकंप आ जाता है तो साहिबगंज सिदो कान्हू स्टेडियम में लगा भू-मापक यंत्र यह तो बता देगा कि भूकंप आया था लेकिन मशीन में तकनीकी खराबी रहने के कारण सिसमो मीटर सिसमो ग्राफ पर सही रिजल्ट सही लाइनिंग नहीं दे पाने की स्थिति में तीव्रता की जानकारी नहीं मिल पायेगी. जिसके कारण नौ दिसंबर 2015 व 15 दिसंबर 2015 को आये भूकंप की जानकारी तो मशीन ने दे दी लेकिन मशीन भूकंप का समय व तीव्रता नहीं बता पाया. सैकड़ों किमी दूर होने वाली हलचल की दे सकेगा जानकारी साहिबगंज में लगी भूकंप मापक मशीन पांच सौ किमी तक होने वाले भूकंप व भू-गर्भीय हलचल को अपने अंदर कैद कर जानकारी मुहैया कराने मेें सक्षम है. इस बाबत सिसमोलॉजिकल ऑफिस साहिबगंज के प्रभारी इंचार्ज गुलाम मोहम्मद ने बताया कि यहां लगी मशीन अच्छी है और यह मशीन 500 किमी तक होने वाली भू गर्भीय हलचल व भूकंप की स्थिति व तीव्रता बताने में सक्षम है. 1985 में लगायी गयी थी मशीनराज्य बंटवारे के पूर्व सन 1985 में साहिबगंज जिले के सिदो कान्हू स्टेडियम के पश्चिमी व दक्षिण छोर पर दो कमरा बना कर सिसमो मीटर स्थापित किया गया था. तब से झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों में आये भूकंप की स्थिति समय व तीव्रता की जानकारी इसी ऑफिस के प्रभारी द्वारा दिल्ली के आपदा विभाग को दिया जाता रहा है. लेकिन वर्तमान समय में भवन की छत जर्जर हो चुकी है. साथ ही मशीन में भी तकनीकी खराबी आ गयी है. जिसकी सूचना प्रभारी इंचार्ज गुलाम मोहम्मद ने वरीय पदाधिकारी को भी दी है. एक वर्ष पूर्व ऑफिस में हुई थी चोरी शहर के सिदो कान्हू स्टेडियम स्थित सिसमो ऑफिस में 22 अक्टूबर 2014 को अज्ञात चोरों द्वारा ताला तोड़ कर तार व अन्य सामानों की चोरी कर ली गयी थी. जिसके कारण एक माह तक ऑफिस का कार्य बाधित रहा था. फिर ऑफिस का कार्य सुचारू रूप से चलने लगा. दो माह में लगेगी वीसेट मशीनसिसमो लॉजिकल ऑफिस के प्रभारी इंचार्ज गुलाम मोहम्मद ने बताया कि दो माह के अंदर क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत कर सिसमो मीटर में वीसेट लगा कर सेटेलाइट से जोड़ दिया जायेगा. सेटेलाइट से जुड़ने के बाद दिल्ली ऑफिस में बैठे अधिकारी सीधे इस मशीन से प्राप्त भूकंप व भू-गर्भीय स्थिति पर नजर बनाये रखेंगे. एक पदाधिकारी व प्यून के भरोसे चल रहा कार्य सिसमो लॉजिकल ऑफिस में वर्तमान समय में एक प्रभारी इंचार्ज व दो प्यून कार्यरत हैं. वहीं बैटरी चार्जर खराब रहने के कारण जब कर्मी बैटरी को चार्ज करने के लिये बाजार भेजते हैं तो वैसी स्थिति में तीन से चार दिन तक सिसमो मीटर बंद रह जाता है. कहते हैं भूगर्भशास्त्र के प्रोफेसरसाहिबगंज महाविद्यालय के भूगर्भशास्त्र के प्रो रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि भूकंप मापक यंत्र के सेटेलाइट से जुड़ जाने से क्षेत्र में भू-गर्भीय हलचल व भूकंप की स्थिति का पता दिल्ली में बैठे अधिकारी लेते रहेंगे. जो झारखंड प्रदेश सहित पड़ोसी प्रदेश के लिये अच्छा होगा. जिस तरह से भारत के उत्तरी-पूर्वी इलाकों में विगत कुछ दिनों से भंकप आ रहे हैं इसके लिए इस तरह के केंद्र की उपयोगिता और ज्यादा बढ़ जाती है. कहते हैं डीसीडीसी उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि मामले को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखा गया है. जल्द ही भूकंप केंद्र सुसज्जित होगा.
???::: ????? ??? ?? ???? ??? ?? ?????? ??? ? ???????
आके::: भूकंप आया तो नहीं पता चल पायेगा समय व तीव्रता तकनीकी खराबी के कारण सिसमो मीटर यंत्र नहीं बना पायेगा ग्राफ व लाइनिंगफोटो हेड: राज्य में केवल साहिबगंज व बोकारो में है भूकंप मापक यंत्र साहिबगंज के सिसमोलॉजिकल कार्यालय भवन की छत जर्जरकार्यालय में हो चुकी है चोरी, मशीन को पहुंच चुका है नुकसानचार्जर […]
