राजमहल गंगा घाट से 10 मृत कछुए बरामद, जांच में जुटा वन विभाग
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न्यायालय के आदेश पर 662 कछुए गंगा नदी में छोड़े गये थे
राजमहल
नगर पंचायत क्षेत्र के काली घाट के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार की रात्रि कछुए मृत अवस्था में पाए गये. स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 10 कछुए घाट क्षेत्र में मृत मिले. इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जुट गये. स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने इसे बेहद चिंताजनक बताया है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं की गई, तो यह जलाशय के जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा हो सकता है. अन्य जलीय जीवों और आसपास के पर्यावरण पर भी इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. काली घाट क्षेत्र में नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए. नदी के पानी की वैज्ञानिक जांच कराकर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके. इस संबंध में राजमहल दामिन वन क्षेत्र के वनपाल पंचम दुबे ने कहा कि मृत कछुए के मामले में वन विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहा है. मृत कछुए वन विभाग के कब्जे में है.
बरहरवा रेल पुलिस ने ट्रेन से तस्करी के पकड़े 662 पीस कछुए को राजमहल न्यायालय के आदेशानुसार वन विभाग की मदद से गंगा नदी में छोड़ा था, ताकि कछुए का पुनर्वास हो सके. कथित तौर पर कुछ प्रत्यक्षदर्शी चर्चा कर रहे हैं कि पूर्व में छोड़े गए कछुए में से ही यह है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन मृत कछुए के बरामद मामले में वन विभाग आवश्यक कार्रवाई में जुट गया है.
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