साहिबगंज : शहर व आसपास इलाकों में शनिवार की पूर्वाह्न् 11:44 बजे भूकंप के झटके को लोगों ने महसूस किया. भूकंप के झटके दो बार महसूस किया. भूकंप का दूसरा झटका दोपहर 12:15 बजे अहसास हुआ.
भूकंप के आने के बाद लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क व सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. इस दौरान घर में रखे सामान के अलावा दरवाजा, खिड़की, टेबुल कुर्सी, पंखा व आलमीरा हिलने लगा. भू-गर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार साहिबगंज जिले में आये भूकंप की तीव्रता करीब 5.6 मापी गई है.
भूकंप के अहसास के तुरंत बाद विद्युत बोर्ड की ओर से शहर की बिजली काट दी गई. हालांकि थोड़ी देर बाद ही बिजली बहाल कर दिया गया. वहीं भूकंप के कारण प्रखंड के हरप्रसाद पंचायत के शोभनपुर दियारा स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन और मखमलपुर उत्तरी पंचायत भवन के छत व दीवारों पर दरार आ गयी है.
भूकंप से लोगों पर पड़ा मनोवैज्ञानिक प्रभाव
कई लोगों को बेचैनी व सिर दर्द का भी अहसास हुआ. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ एके झा ने बताया कि भूकंप के झटके से मानव शरीर पर मैग्नैटिक प्रभाव पड़ता है. इस कारण से कुछ क्षण के लिए शरीर में भारीपन या बेचैनी हो जाती है. वहीं भूकंप का लोगों के दिमाग पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है.
स्कूलों में दे दी गई छुट्टी
भूकंप आने के बाद शहर के विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में छुट्टी दे दी गई. चूंकि भारतीय मौसम विभाग ने दोबारा भूकंप आने की चेतावनी दी थी. लिहाजा स्कूलों के प्रबंधनों ने किसी तरह का रिस्क न लेने को लेकर छुट्टी दे दी.
बैठक छोड़ भागे डीसी व अन्य पदाधिकारी
समाहरणालय में शनिवार की पूर्वाह्न् 11:44 बजे भूकंप आने से अफरा तफरी मच गई. सभी पदाधिकारी व कर्मचारी अपना अपना कार्यालय छोड़ कर बाहर मैदान में जमा हो गये. डीसी भी बाहर मैदान में भाग कर निकल गये.
खबर है कि जिस समय भूकंप आया उस समय डीसी अपने कक्ष में बैठक कर रहे थे. इस कारण वहां अपर समाहर्ता निरंजन कुमार, डीएसओ जयप्रकाश झा, डीआरडीए निदेशक श्रीपति गिरि व पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी अनिल प्रसाद भी मौजूद थे. मैदान में थोड़ी देर रुकने के बाद सभी अपने अपने कार्यालय में दुबारा मिटिंग में पहुंच गये. दूसरी तरफ विकास भवन में समीक्षा बैठक छोड़कर पदाधिकारी बाहर निकल गये.
