पानी की किल्लत, मचा हाहाकार

लोग को पहाड़ी नाले व गंदे तालाबों के पानी पाने के विवशपतना : गरमी शुरू होते ही प्रखंड के 13 पंचायत के दर्जनों गांवों मे पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगाये गये चापानल खराब पड़े हैं. इस कारण लोगों को पीने का पानी पहाड़ी नालों से लेकर […]

लोग को पहाड़ी नाले व गंदे तालाबों के पानी पाने के विवश
पतना : गरमी शुरू होते ही प्रखंड के 13 पंचायत के दर्जनों गांवों मे पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगाये गये चापानल खराब पड़े हैं. इस कारण लोगों को पीने का पानी पहाड़ी नालों से लेकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है.

डुमरिया पहाड़, रक्सी पहाड़, पहाड़िया टोला, मोहब्बतपुर, चंपाडे पहाड़, उरसा पहाड़, अंबेरी पहाड़, सिंबेरी पहाड़, तेगड़ा पहाड़, दुर्गापुर, सिमलढाब, शहरी कुमार टोला, चुटिया, बांसकोला पहाड़ आदि गांवों में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है. बता दें कि इस क्षेत्र में पिछले वर्ष 958 चापानल व 45 कुआं पीएचडी विभाग ने होने की जानकारी दी थी. इसमें से 88 चापानल व सात कुआं खराब है.

वहीं उप प्रमुख जाकिर शेख ने बतायाकि पूरे प्रखंड के सभी गांवों में लगभग 160 चापानल ही चालू है और प्रखंड में कुओं की स्थिति दयनीय है. कुआं की समय पर सफाई नहीं होने से पानी पीने का लायक नहीं है. जल्द ही विभाग प्रखंड क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या को लेकर कोई ठोस पहल नहीं करती है तो लोगों का जीना मुहाल हो जायेगा.

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