राजमहल : खुशी का घर अचानक गम में बदल गया. शहीद जवान राजीव कुमार शर्मा का शव बुधवार को उसके पैतृक गांव प्रखंड क्षेत्र के खुटहरी पंचायत अंतर्गत सेखाचक गांव लाया गया. शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर किसी की आंखें नम थी.
घर का लाडला था राजीव
शहीद राजीव के पिता मुरारी शर्मा इस गांव के ग्राम प्रधान हैं तथा मां उषा देवी सहिया है. श्री शर्मा का दो पुत्र व दो पुत्री हैं. दोनो पुत्रियों तथा बड़े पुत्र की शादी हो चुकी है. बड़ा बेटा राजेश कुमार शर्मा आर्मी में दीमापुर में पदस्थापित है तथा छोटा बेटा राजीव कुमार शर्मा झारखंड पुलिस के जवान के रूप में पाकुड़ जिला में पदस्थापित था.
2011 में दिया था योगदान
शहीद के पिता श्री शर्मा ने बताया कि राजीव बचपन से पढ़ने में काफी अव्वल था. प्राथमिक शिक्षा मुंडली मिशन से तथा राजमहल स्थित जेके उच्च विद्यालय से 2006 में मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ था. इंटर की पढ़ाई साहिबगंज कॉलेज से की. वर्ष 2009 में इंटर की परीक्षा में द्वितीय श्रेणी में उत्तीण हुआ था. नवंबर 2011 में झारखंड पुलिस में योगदान दिया था.
देवघर में मोहनपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पाकुड़ जिला में पदस्थापित थे. जो मंगलवार को एसपी के अमरजीत बलिहार के साथ दुमका गया था. राजीव मंगलवार को कई बार अपने पिता व मां से मोबाइल पर बात भी किया था. वह शनिवार को ही घर से पाकुड़ गया था. घटना से पहले भी राजीव ने अपने पिता से बात की थी.
चार बजे मिली सूचना
शहीद के पिता ने बताया कि घटना की जानकारी मंगलवार के शाम चार बजे उन्हें उनके गॉव के एक व्यक्ति ने दी. फिर बड़ा पुत्र राजेश ने टीवी देख कर पिता को इसकी सूचना फोन कर दी. सूचना मिलने के बाद घर व पूरे गांव में मातम छा गया.
– अभिजीत रक्षित –
