20-25 फीट के फासले पर हुई तीनों हत्याएं, दो किमी दूर थाने पहुंचकर आरोपी ने किया सरेंडर

तीनों हत्याओं के बीच तकरीबन 20 से 25 फीट का फासला रहा, सर व गर्दन पर की हमला,

तालझारी. साहिबगंज के तालझारी थाना क्षेत्र के दूधकोल गांव में ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. 90 वर्षीय मृतका नो बेसरा का शव दरवाजे पर और उनकी बेटी बड़की मुर्मू एवं दामाद नाथनियल हांसदा का शव घर के बाहर सड़क पर था. तीनों हत्याएं 20 से 25 फीट के दायरे में हुईं. हत्या आरोपी बजल हेंब्रम ने रॉड से सबसे पहले नोहा बेसरा (90) की घर के दरवाजे पर ही हत्या कर दी. फिर, उसने उसी रॉड से नोहा की बेटी बड़की मुर्मू और दामाद नाथनियल हांसदा की भी हत्या कर दी, जब बड़की घर पर कपड़े धो रही थी. हत्या करने के बाद, बजल ने खुद ही गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर तालझारी थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया. घटना के बाद गांव में शोक है और ग्रामीणों में इस हत्याकांड की चर्चा हो रही है. आरोपी बजल हेंब्रम नाथनियल का ही दूर का रिश्तेदार है. इधर, घटना के बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है. मृतका नो बेसरा का कोई बेटा नहीं है. नाथनियल मुर्मू बरहरवा के विजयपूर गांव का रहने वाला था, जो अपने ससुराल में घरजमाई बनकर रह रहा था. पहले वह कदमटोला गांव में रहा था, इसके बाद वहां से आधा किमी दूर दूधकोल में आकर सास के साथ रहकर खेती-बाड़ी करने लगा. बड़ी बेटी बड़की मुर्मू और दामाद नाथनियल करीब आठ साल से उनके घर पर रह रहे थे. धारदार हथियार के इस्तेमाल की भी आशंका, जांच में जुटी पुलिस साहिबगंज. हालांकि, जिस तरह से हत्याएं की गयीं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या में रॉड के अलावा कोई धारदार हथियार भी इस्तेमाल किया गया था. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े रहस्यों का खुलासा हो पायेगा. सास-ससुर की हत्या की सूचना मिलते ही पहुंची बहू नाथनियल की हत्या की सूचना पर साहिबगंज में रह रही उसकी बहू संतोषनी किस्कू, जो वार्ड सदस्य भी है, दौड़ी-भागी घटनास्थल पर पहुंची. नाथनियल का बेटा सिमोन हांसदा (संतोषनी किस्कू का पति) केरल में काम करता है. संतोषनी सास-ससुर के शवों को देखकर दहाड़ मार-मारकर रोने लगी और बार-बार यही कह रही थी कि, जमीन के कारण उन लोगों की हत्या कर दी गयी. बताया जा रहा है कि, जमीन के हिस्से लेकर नाथनियल का उसके दूर के रिश्तेदार बजल से विवाद होता रहता था. संतोषनी रोते-रोते कह रही थी कि जमीन विवाद को लेकर कहासुनी होती रहती थी. क्या पता था कि हत्या कर देगा. पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गये शव पुलिस तीनों शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल पहुंची. जहां डॉक्टर मुकेश कुमार द्वारा पोस्टमार्टम करने के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिये गये. क्या कहती है पुलिस तालझारी. संतोषनी किस्कू के फर्द बयान पर कांड संख्या 127/25, धारा 103/1, बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. नितेश कुमार पांडेय, थाना प्रभारी फ्लैशबैक: जिरवाबाड़ी में 22 साल पहले एक ही परिवार के सात लोगों की कर दी गयी थी हत्या संवाददाता, साहिबगंज. साहिबगंज जिले के तालझारी थाना क्षेत्र के दूधकोल गांव में बुधवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों की रॉड से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. इस घटना ने 16 अक्टूबर 2003 को जिरवाबाड़ी ओपी क्षेत्र में जिरवाबाड़ी पेट्रोल पंप के पास विजय साह के परिवार के सात लोगों की हत्या की याद दिला दी. दोनों घटनाओं में समानताएं हैं: जमीनी विवाद हत्या का कारण है, रॉड का इस्तेमाल किया गया था, और एक ही परिवार के सदस्यों की सामूहिक हत्या हुई थी. तालझारी की घटना की तरह, 2003 में भी रात के अंधेरे में परिजनों ने ही रॉड से पीट-पीट कर सात लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. अपराधी रात भर तांडव करते रहे और किसी को पता नहीं चला. जिरवाबाड़ी ओपी घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर होने के बावजूद, पुलिस को सुबह तक घटना की जानकारी नहीं थी, जो उस समय चर्चा का विषय था. बुधवार को तालझारी थाना क्षेत्र के दूधकोल गांव में वैसी ही घटना दोहराई गई. हत्यारा तांडव करता रहा, लोगों की चीखें निकलती रहीं, लेकिन डर के कारण कोई मदद के लिए नहीं आया. पुलिस को हत्या की जानकारी तब हुई जब हत्यारे ने खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर अपना गुनाह कबूल कर लिया.

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Published by: Abdhesh singh

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