नन-बैंकिंग कंपनी ग्रीन-रे की जांच शुरू

राजमहल : उच्च न्यायालय, झारखंड के निर्देश पर ग्रीन-रे इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी के राजमहल स्थित शाखा की जांच के लिए सोमवार को सील खोला गया. अपर समाहर्ता त्रिवेणी कुमार व एसडीओ गोपालजी तिवारी की उपस्थिति में ओड़िशा कीकंपनी के रजिस्ट्रार द्वारा सील खोल कर कार्यालय के सभी सामानों की जब्ती सूची तैयार की गयी. जांच […]

राजमहल : उच्च न्यायालय, झारखंड के निर्देश पर ग्रीन-रे इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी के राजमहल स्थित शाखा की जांच के लिए सोमवार को सील खोला गया.

अपर समाहर्ता त्रिवेणी कुमार व एसडीओ गोपालजी तिवारी की उपस्थिति में ओड़िशा कीकंपनी के रजिस्ट्रार द्वारा सील खोल कर कार्यालय के सभी सामानों की जब्ती सूची तैयार की गयी. जांच टीम में हाइकोर्ट द्वारा प्रतिनियुक्त असिस्टेंट ऑफिसर अरविंद साह व ओड़िशा के एआरओसी सीके दास शामिल है.

इस दौरान कंपनी के ओआरके एमडी नइमुल्ला खान, मार्केटिंग मैंनेजर मो इकराम सहित अन्य उपस्थित थे. सुरक्षा को लेकर राजमहल थाना के एएसआइ शंकर दुबे सशस्त्र बलों के साथ तैनात थे.

12 शर्तो का होगा अनुपालन

इस बाबत अनुमंडल पदाधिकारी गोपाल जी तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायलय के निर्देश पर जांच टीम को 12 शर्तो का अनुपालन करना है. टीम द्वारा कार्यालय के सभी कागजात की जब्ती सूची तैयार की जा रही है. जब्त कागजात कंपनी रजिस्ट्रार के सुरक्षा में रहेगी.

सेबी, आरबीआइ, भारत सरकार सहकारिता तथा कंपनी रजिस्ट्रार द्वारा कंपनी की क्रिया-कलापों की तथा कंपनी द्वारा किन-किन वैधानिक प्रावधानों का उल्लंधन किया गया है, इसकी जांच की जा रही है. श्री तिवारी ने कहा : इसमामले में अगर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है तो न्यायालय से प्रभावित नहीं होगी. मामला न्यायालय में चलेगा. इन सभी शर्तो का शपथ-पत्र कंपनी खुलने से पूर्व कंपनी प्रबंधन द्वारा लिया जायेगा.

आठ सप्ताह तक होगी जांच

यह जांच आठ सप्ताह तक चलेगी. डीसी द्वारा अपर समाहर्ता को उक्त कार्य के लिए नामित किया गया है. एसी श्री कुमार ने कहा कि जांच की अवधि के दौरान कंपनी में कोई नया निवेश नहीं किया जायेगा, ना ही कंपनी द्वारा बिजनेस का विज्ञापन प्रकाशन व एकरारनामा किया जायेगा. अगर कोई वर्तमान निवेशक निवेश करता है तो कंपनी द्वारा राष्ट्रीकृत बैंक में नया एकाउंट खोल कर राशि जमा करेंगे.

उच्च न्यायालय व वैधानिक प्राधिकारों के एनओसी के बाद ही उक्त खाते का राशि निकासी कंपनी द्वारा किया जा सकता है. इस अवधि में कंपनी द्वारा किसी भी संपत्ति की बिक्री नहीं की जायेगी. जांच पूरा होने के पश्चात जांच कर रही संस्था कोई भी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी.

रहेगा पूरा सहयोग :

कंपनी के ओआरके एमडी नइमुल्ला खान ने कहा कि जांच के दौरान जांच टीम को पूरा सहयोग किया जायेगा.

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