साहिबगंज/रांची : जनजातीय परामर्शदातृ समिति (टीएसी) की उपसमिति की बैठक शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में हुई. इसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ मुंडा ने की. मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय आबादी में लगातार आ रही कमी से चिंतित है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस गंभीर मुद्दे पर एक कमेटी का गठन किया है, जो पूरे राज्य में इसका अध्ययन कर रही है. बैठक में बताया गया कि 1981 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या साहिबगंज जिले में 48.38 प्रतिशत थी, जबकि 1991 की जनगणना में 31.07 प्रतिशत, 2001 की जनगणना में 29.15 प्रतिशत व 2011 के अनुसार इसकी आबादी घट कर 26.80 प्रतिशत हो गयी. बताया गया कि पहाड़ पर रहने वाले पहाड़िया छल का शिकार हो रहे हैं.
उनकी जमीन पर खनन करनेवाले करोड़ों कमा रहे हैं, जबकि बदले में उन्हें सालाना बहुत कम आठ से 10 हजार ही राशि मिल रही है. ऐसे में रोजगार के लिए पहाड़िया जिले से पलायन हो रहा है. अंधाधुंध पत्थर खनन से पहाड़ों पर प्रदूषण फैल गया है. इसका असर पहाड़िया की जनसंख्या पर सीधे तौर पर पड़ा है.
