चांदी चोरी में ज्वेलर्स गिरफ्तार

अपराध . इलाके में दर्जनों की संख्या में है चोरी के सामान खरीदनेवाले धंधेबाज राजमहल : खबर थी कि मंगलवार को 16 किलो चांदी चोरी के आरोपितों को मुंबई पुलिस अपने साथ गिरफ्तार कर ले गयी है. लेकिन मुंबई पुलिस गयी नहीं वो यही रही. बुधवार को इलाके के एक ज्वेलर्स संतन कुमार को गिरफ्तार […]

अपराध . इलाके में दर्जनों की संख्या में है चोरी के सामान खरीदनेवाले धंधेबाज

राजमहल : खबर थी कि मंगलवार को 16 किलो चांदी चोरी के आरोपितों को मुंबई पुलिस अपने साथ गिरफ्तार कर ले गयी है. लेकिन मुंबई पुलिस गयी नहीं वो यही रही. बुधवार को इलाके के एक ज्वेलर्स संतन कुमार को गिरफ्तार किया है. संतन चोरी के आभूषणों की खरीदारी करता है और उसे गला कर नये आभूषण तैयार करता है. संतन की गिरफ्तारी से यह बात साफ हो गयी है कि इसी इलाके के कई धंधेबाज हैं जो चोरी के आभूषण खरीदता है और उसे महंगी कीमत पर बेच कर मालामाल हो रहा है.
मुंबई के संगोली थाना क्षेत्र के ओमकार ज्वेलर्स से चोरी किया गया 16 किलो चांदी भी आरोपितों ने इसी संतन कुमार को बेचा था. फिलहाल मुंबई पुलिस ने संतन को भी राजमहल न्यायालय में पेश कर मुंबई ले गयी है. संतन की गिरफ्तारी में भी राजमहल पुलिस ने मुंबई पुलिस का सहयोग किया है.
पुलिस को खबर तक नहीं लगती कौन खरीद रहा चोरी का माल
इन धंधेबाजों की होती है स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़
सब जानते हुए भी चुप रहते हैं यहां के लोग
बिहार से संतन राजमहल आया था मालामाल होने
चोरी का आभूषण खरीदकर उसे महंगे कीमत में बेचकर रातोंरात करोड़पति बनने की मंशा लेकर बिहार के औरंगाबाद से राजमहल अपने ससुराल आया था. वह यहां के पश्चिमी नारायणपुर में ज्वेलरी की दुकान चलाता था. इसकी आड़ में यह चोरी का माल खरीदने वाला बड़ा धंधेबाज बन गया था. मंगलवार को गिरफ्तार दोनों आरोपितों की निशानदेही पर संतन को पकड़ा जा सका.
कलियाचक से जुड़ा है ज्वेलर्स का तार
चोरी के ज्वेलरी को खरीदारी कर एेसे ज्वेलर्स या तो आभूषण का स्वरूप बदल कर बेच देते हैं या मात्रा अधिक होने पर पश्चिम बंगाल के मालदा जिला अंतर्गत कलियाचक में संचालित गिरोह को आभूषण बेच देते हैं.
कहते हैं एसडीपीओ
स्थानीय ज्वेलर्स का पुलिस प्रशासन द्वारा प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है. चोरों के पनाहगार ज्वेलर्स पर पुलिस की पैनी नजर है.
सुनील कुमार, एसडीपीओ, राजमहल
स्थानीय पुलिस की लिस्ट में नहीं ऐसे धंधेबाज
राजमहल, उधवा व राधानगर इलाके में चोरी का सामान खरीदने वाले धंधेबाजों की कमी नहीं है. इस इलाके में दर्जनों धंधेबाज हैं जो ज्यादा कमाने की लालसे में चोरी का माल खरीदकर उसे पश्चिमबंगाल व बंगलादेश में बेच देते हैं. ऐसे धंधेबाज पुलिस के लिस्ट में नहीं हैं. क्योंकि यदि ऐसे धंधेबाज पुलिस की लिस्ट में होते तो अब तक जरूर पकड़े जाते. यह पहली मर्तवा है जब कोई धंधेबाज पुलिस के हाथ चढ़ा हो. दुखद बात यह है कि वो भी यहां की पुलिस के हत्थे नहीं मुंबई पुलिस के हत्थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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