ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं

साहिबगंज : लोक आस्था का महापर्व छठ की समाप्ति के बाद घर आये लोगों का कोलकाता, गोहाटी, दिल्ली, यूपी और झारखंड जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे, लेकिन ब्रह्मपुत्र मेल में जगह नहीं होने के कारण वे जनरल कोच में घुस नहीं सके. कई […]

साहिबगंज : लोक आस्था का महापर्व छठ की समाप्ति के बाद घर आये लोगों का कोलकाता, गोहाटी, दिल्ली, यूपी और झारखंड जाने का सिलसिला शुरू हो गया है.

रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे, लेकिन ब्रह्मपुत्र मेल में जगह नहीं होने के कारण वे जनरल कोच में घुस नहीं सके. कई एक्सप्रेस में भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन सतर्क था. रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों को कतारबद्ध करा बोगियो में चढ़ाया. जंक्शन से खुलने वाली ट्रेनों यात्रियों से खचाखच भरी रही. लंबी दूरी की ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं थी. न्यू मालदा टाउन से फरक्का एक्सप्रेस यात्री रवाना हुए. हालत यह थी कि ब़ी संख्या में यात्रियों को ट्रेनों के पायदान पर लटक कर सफर करना पड़ा.

नहीं बढ़ी कोचों की संख्या

छठ पर्व के मौके पर लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. रेलवे को पता था कि पर्व के बाद दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी फरक्का व ब्रह्मपुत्र इस रेलखंड की महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं. लिहाजा इससे सफर करने वालों की संख्या भी ज्यादा होगी. रेलवे को इस ट्रेन में जनरल कोचों की संख्या बढानी चाहिए थी लेकिन इसमें महज चार कोच ही जनरल के लगे थे.

दो कोच में सैकड़ों यात्रियों ने किया सफर

फरक्का व ब्रह्मपुत्र कोच वाली रैक के साथ रवाना हुई. इस कारण इसमें एक आगे और एक पीछे जनरल कोच लगाये गये थे. इधर स्टेशन पर इस ट्रेन में सवार होने के लिए बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे थे. यात्रियों की भीड़ को देखते हुये रेलवे सुरक्षा बल पूरी सतर्क था. लेकिन दोनों बोगियां अलग अलग दिशा में होने की वजह से कइयों की ट्रेनें भी छूट गयी.

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