साहिबगंज: सदर प्रखंड में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े पैमाने पर गबन का मामला उजागर हुआ है. मामले की जांच के लिए साहिबगंज बीडीओ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गयी है. वहीं डीडीसी नैंसी सहाय ने जांच पूरी होने तक बीमा राशि के वितरण पर रोक लगा दी है. इस संबंध में डीडीसी ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि साहिबगंज सदर प्रखंड में फसल बीमा की राशि के रूप 6 करोड़ 90 लाख की राशि जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ है. बीमा राशि का वितरण की व्यवस्था बैंक के माध्यम से डीबीटी द्वारा की जानी है. इसमें गड़बडी सामने आयी है.
ऐसे हुआ मामले का उजागर : सहकारिता विभाग के सहायक रजिस्ट्रार गौतम झा के निवेदन पर डीडीसी नैंसी सहाय ने सीओ को जांच का निर्देश दिया. सीओ रामनरेश सोनी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि रामपुर दियारा निवासी छोटू सिंह के पास कुल आठ एकड़ ही भूमि है,जिसका रैयत रसीद काटा जाता है. छोटू सिंह ने अपने पूरे परिवार के नाम से 44 एकड़ जमीन का बीमा कराया. जिसका फसल बीमा की राशि लगभग 5 लाख का बनता है, जो गलत है.
छोटू सिंह के खिलाफ होगी कार्रवाई : डीडीसी ने कहा कि छोटू सिंह जिसने प्रशासन को गुमराह कर बीमा की राशि गलत तरीके से लेने का प्रयास किया है. उन पर भी कार्रवाई होगी. लेकिन बीमित भूमि का बीमा राशि उन्हे भी दिया जायेगा.
बीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमिटि गठित : सदर प्रखंड में कुल 3406 किसानों ने अपने भूमि का फसल बीमा कराया है. जिसकी बिमीत राशि के रूप में छह करोड 90 लाख जिला को प्राप्त हुआ. इसकी जांच के लिये सदर बीडीओ प्रतिमा कुमारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी में अंचल निरीक्षक साहिबगंज नित्यानंद प्रसाद, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्रताप बड़ाइक, कॉपरेटिव शाखा प्रबंधक दशरथ राम, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी रमणी रमन झा शामिल है. यह कमेटी दो दिनो में जांच रिपोर्ट सौंपेगी, सोमवार से बीमा राशि का वितरण होगा.
फोटो नंबर 13 एसबीजी 27 है.
घोटाला में बीसीइओ की मिली भगत
डीडीसी ने कहा : इस मामले में बीसीइओ अजीत कुमार मिश्र की संलिप्तता पायी गयी है. जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में मामले को उलझाने का प्रयास किया है. बीसीईओ ने इस मामले में अपनी भूल माना है. उसको पूरे मामले पर जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है.
