साहिबगंज : श्रीनगर में बीएसएफ कैंप हमले में शहीद बृजकिशोर यादव का बचपन भले ही भागलपुर जिले के पीरपैंती के पास ईशीपुर में बीता हो, लेकिन साहिबगंज से उनका गहरा लगाव था. बृजकिशोर अपने बच्चों को साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल में पढ़ाने के लिए 12 साल पहले अपना पैतृक गांव छोड़ कर साहिबगंज आ […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
साहिबगंज : श्रीनगर में बीएसएफ कैंप हमले में शहीद बृजकिशोर यादव का बचपन भले ही भागलपुर जिले के पीरपैंती के पास ईशीपुर में बीता हो, लेकिन साहिबगंज से उनका गहरा लगाव था. बृजकिशोर अपने बच्चों को साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल में पढ़ाने के लिए 12 साल पहले अपना पैतृक गांव छोड़ कर साहिबगंज आ गये थे.
लंच घाट हरिपुर मुहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे. यहां परिवार में पत्नी के अलावा बड़ा बेटा, दो बेटियां व भतीजा जीतेंद्र यादव का परिवार रहता है. जीतेंद्र भी बीएसएफ में कार्यरत है. गंगा तट पर स्थित मुक्तेश्वनाथ धाम में भगवान शिव का मंदिर के पास ही बृजकिशोर का मकान है. मां गंगे से उनका गहरा लगाव था. जब भी साहिबगंज आते थे, गंगा स्नान करना नहीं भुलते थे. बुधवार की सुबह गंगा स्नान करने वाले दूर दराज से आये लोग घर के समीप रुक कर शोक में शामिल हुए.
अब कौन बनेगा मेरी बेटी का सहारा : ससुर
खबर सुन कर मंगलवार की रात साहिबगंज पहुंचे उनके ससुर देवेंद्र यादव का भी रो-रोकर बुरा हाल है. वह कहे जा रहा था कि अब कौन मेरी लाडली लिपि (शहीद बृजकिशोर की पत्नी) के जीवन का सहारा बनेगा. पीरपैंती के डोमन खुटहरी गांव निवासी देवेंद्र ने बताया कि बृजकिशोर की शादी 1988 में हुई थी. नाती अभिषेक यादव जिसे प्यार से घर में बंटी पुकारा जाता है वह बेंगलुरु में वर्ष 2010 इंजीनियरिंग कॉलेज में पढाई कर रहा है. इससे पहले वह साहिबगंज में संत जेवियर्स स्कूल पढ़ रहा था. बड़ी नातीन संध्या कुमारी की शादी वर्ष 2015 में मुंगेर में हुई.
बच्चों की पढ़ाई के लिए…
दूसरी नातीन सुषमा एसएम कॉलेज, भागलपुर में इंटर की छात्रा है.
यहां बनना चाहिए शहीद का स्मारक : शहादत की खबर मिलते ही परिजनों को सांत्वना देने के लिए बिजली घाट स्थित उनके आवास पर सैंकड़ों लोग जमा हो गये. लोगो ने आतंकी हमले का निंदा करते हुए सरकार से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही कहा कि शहादत को याद रखने के लिये उनका स्मारक बनना चाहिए.
मित्र नरेश कुमार ने कहा कि बृजकिशोर जब भी घर आता घंटों बैठ कर बात करते थे. वे काफी मिलनसार व सादगी पसंद थे. साहिबगंज कॉलेज के डॉ0 रंजीत कुमार सिंह ने उन्हे श्रद्धांजलि दी और कहा कि शहीद के सम्मान में शहर में एक स्मारक बनना चाहिए. भाजयुमो नेता मनोज पासवान ने परिजनो को दिलासा दिलाया.