साहिबगंज : जिला सदर अस्पताल में आइसीयू वार्ड के चालू हो जाने से जिला सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. वर्तमान में आइसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जाता है. आइसीयू वार्ड के चालू हो जाने की स्थिति में आइसीयू सेवा के कारण व रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में कमी हो जायेगी. इसके अलावे जिले सहित आसपास जिले के लोगों को भी राहत मिलेगी.
गंभीर मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
साहिबगंज : जिला सदर अस्पताल में आइसीयू वार्ड के चालू हो जाने से जिला सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. वर्तमान में आइसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जाता है. आइसीयू वार्ड के चालू […]

अल्ट्रासाउंड मशीन को लगा दिया लेकिन बैट्री बैक अप नहीं : जिला सदर अस्पताल में प्रसूता की जांच के लिये राज्य स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अल्ट्रासाउंड मशीन दो वर्ष पूर्व लगायी गयी. लेकिन वर्तमान समय में बैट्री के बैकअप नहीं देने के कारण अक्सर अल्ट्रासाउंड सेवा बाधित रहता है. इस कारण गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी होती है.
सरकारी पैथोलैब में सुविधा की कमी : जिला सदर अस्पताल के सरकारी पैथोलैब में सीमित संख्या में ही जांच सुविधा उपलब्ध है. मरीजों को अलग से जांच कराने की स्थिति में अस्पताल परिसर में कंपनी व सरकार के एकरारनाम के तहत खुले एसआरएल पैथोलैब में जांच करानी पड़ती है.
बर्न वार्ड बन कर तैयार लेकिन उपयोग नहीं :जिला सदर अस्पताल के पीछे बर्न मरीजों के लिये राज्य स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एक वर्ष पूर्व बर्न वार्ड का नया भवन बनवाया गया. बर्न वार्ड बनकर तैयार है. लेकिन वर्तमान समय में अस्पताल सौंदर्यीकरण के कारण सभी मरीजों को वेयर हाउस में एक वार्ड में शिफ्ट कर इलाज किया जा रहा है.
दो एंबुलेंस पड़ा है खराब : जिला अस्पताल में कुल सात एंबुलेंस है. जिसमें एक एंबुलेंस को मुख्यमंत्री सहित मंत्री के लिये रखा गया है. वही चार एंबुलेंस चल रहा है. जबकि दो एंबुलेंस खराब पड़ा है. अस्पताल प्रबंधन समिति की बैठक में खराब पड़े दोनो एंबुलेंस को ठीक कराने की बात कही गयी है.
पांच बेड का बना है आईसीयू वार्ड, इन्टॉल होकर यू ही पड़ा है मशीन
क्या कहते हैं डीएस
आइसीयू वार्ड बन कर तैयार है. मशीन को भी इंस्टॉल करा लिया गया है. पांच बेड का आइसीयू वार्ड के संचालन के लिये राज्य से अब तक टेक्नीशियन की प्रतिनियुक्ति नहीं किया गया है. टेक्नीशियन के आते ही आइसीयू वार्ड चालू हो जायेगा.
डॉ सुरेश प्रसाद, डीएस, साहिबगंज