बेतला नेशनल पार्क से संतोष कुमार की रिपोर्ट
नेतरहाट: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट में ग्रामीणों के कब्जे में रखे गये एक दुर्लभ चूड़दार सर्प चील (क्रैस्टेड सर्पेंट ईगल) को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. पक्षी को ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर रखा था. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे अपने संरक्षण में ले लिया. फिलहाल पक्षी को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है.
रस्सी से बांधकर रखा गया था दुर्लभ शिकारी पक्षी
नेतरहाट घने जंगलों और जैव-विविधता के लिए प्रसिद्ध है. बताया गया कि यह शिकारी पक्षी रास्ता भटककर इंसानी आबादी के करीब पहुंच गया था. स्थानीय लोगों ने कौतूहलवश उसे पकड़ लिया और उसके पैरों को रस्सी से बांधकर रखा था. हालांकि, राहत की बात यह रही कि पक्षी को कोई गंभीर चोट नहीं आयी.
पर्यटकों की नजर पड़ी तो वन विभाग को दी सूचना
नेतरहाट घूमने पहुंचे कुछ पर्यटकों और लातेहार टूरिज्म से जुड़े गोविंद पाठक की नजर जब बंधक बनाये गये पक्षी पर पड़ी, तो उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची. टीम ने ग्रामीणों को दुर्लभ पक्षी के संरक्षण और वन्यजीवों से जुड़े नियमों की जानकारी दी और पक्षी को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया.
स्वस्थ होने के बाद जंगल में छोड़ा जायेगा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चूड़दार सर्प चील संरक्षित वन्यजीव है. यह शिकारी पक्षी सांप समेत अन्य जीवों का शिकार कर जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
फिलहाल पक्षी की सेहत की निगरानी की जा रही है. पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय होने के बाद उसे नेतरहाट के जंगल में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जायेगा. वन विभाग के इस रेस्क्यू से एक दुर्लभ पक्षी की जान बच गयी और उसे दोबारा अपने प्राकृतिक वातावरण में लौटने का मौका मिलेगा.
