40 लाख मुआवजा देने के लिखित आश्वासन के बाद चालू हुआ काम

काम के दौरान मंगलवार रात घायल हुए मजदूर सुखदेव गंझू की मौत

डकरा. एनके एरिया में साॅयलो प्रोजेक्ट बना रही आउटसोर्स कंपनी मधुकाॅन के बंकर में काम कर रहे मजदूर सुखदेव गंझू (32) मंगलवार रात को काम करते समय गिर कर घायल हो गये थे. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. सुखदेव मधुकाॅन लिए काम कर रही ठेकेदार रीना देवी के लिए काम कर रहे थे. घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार सुबह से क्षेत्र के ट्रेड यूनियन नेता अब्दुला अंसारी, इरफान खान, सुनील कुमार सिंह, गोल्टेन प्रसाद यादव, हरेंद्र सिंह, रैयत-विस्थापित मोर्चा के नेता बिगन सिंह भोक्ता, रामलखन गंझू, जालिम सिंह, कांग्रेस नेत्री इंदिरा देवी, मुखिया दीपमाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने मिलकर प्लांट का काम बंद करा दिया. आक्रोशित लोगों ने बी-ब्लॉक के नजदीक सड़क भी बंद कर दिया, जिसके कारण एनके एरिया होकर पिपरवार, मगध-संघमित्रा और आम्रपाली-चंद्रगुप्त एरिया का भी कोयला एवं एनटीपीसी टंडवा का सैलरी ट्रांसपोर्टिंग बंद हो गयी. सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. छह घंटे बाद मधुकाॅन कंपनी के सलाहकार आर तिवारी स्वयं प्लांट के गेट पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे नेताओं के साथ जमीन पर बैठ कर वार्ता की. उन्होनें बताया कि असंगठित मजदूरों के लिए नयी दुर्घटना बीमा पॉलिसी के तहत 25 लाख, कर्मचारी बीमा योजना के तहत अनुमानित 15 लाख, मृतक की पत्नी को अनुकंपा पर अकुशल श्रेणी में नियोजन, बच्चों का स्कूल फी कंपनी देगी, दाह-संस्कार के लिए तत्काल 50 हजार रुपये देने की लिखित सहमति के बाद लोगों ने काम शुरू करने दिया. मृतक अपने पीछे पत्नी सहित तीन छोटे बच्चों को छोड़ गये हैं.

पहली बार इतनी बड़ी राशि दी गयी

एनके, पिपरवार कोयलांचल में पहली बार किसी असंगठित मजदूर के मृत्यु उपरांत आश्रित को इतनी बड़ी राशि मुआवजा के रूप में देने की घोषणा की गयी है. कोल इंडिया के नये नियम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से मृत कामगार के परिजन को नये नियम के तहत मुआवजा मिलना संभव हुआ है.

सीसीएल प्रबंधन की मनमानी रोके

असंगठित मजदूरों के नेता अब्दुल्ला अंसारी ने बयान जारी कर कहा कि मधुकाॅन कंपनी पर सीसीएल बेवजह दिन-रात काम करने का दबाव बना रहा है, जिसके कारण रात के समय काम करने के दौरान दुर्घटना हुई और एक मजदूर की जान चली गयी. उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि दिन के समय मैन पावर बढ़ा कर काम कराया जाये और एक मजदूर से आठ घंटे से अधिक काम नहीं लिया जाये.

स्लग ::: काम के दौरान मंगलवार रात घायल हुए मजदूर सुखदेव गंझू की मौत

ग्रामीण व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने प्लांट का काम बंद कराया था

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Published by: Rohit kumar maht

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