Political news : विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आठ को 11,000 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी सरकार

अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा आवंटन मंईयां योजना को दिये जाने की है संभावना. जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है.

रांची.

राज्य सरकार आठ दिसंबर को झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में करीब 11,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी कर रही है. विभागीय आवश्यकताओं और वित्तीय व्यय को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है. अनुपूरक बजट का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. एक-दो दिनों में सदन में पेश करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया जायेगा.

वित्त विभाग पिछले सत्र में प्रस्तुत अनुपूरक बजट प्रस्तावों और विधानसभा से स्वीकृत राशि को शामिल करते हुए बजट का मसौदा तैयार कर रहा है. इस अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा आवंटन मंईयां सम्मान योजना को दिये जाने की संभावना है. पिछले वित्तीय वर्ष में भी इस योजना को सर्वाधिक राशि मिली थी और इस बार भी इसकी राशि में बढ़ोतरी मानी जा रही है. राज्य सरकार का मानना है कि महिला सशक्तीकरण, पोषण सुधार और पारिवारिक सहायता को मजबूत करने के लिए यह योजना अत्यंत आवश्यक है. इसलिए अतिरिक्त संसाधन आवंटन की जरूरत पड़ रही है.

माॅनसून सत्र में 4,296.62 करोड़ के अनुपूरक को मिली थी मंजूरी

अगस्त 2025 में संपन्न झारखंड विधानसभा के माॅनसून सत्र के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के प्रस्ताव पर चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सदन ने 4,296.62 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट को स्वीकृति प्रदान की थी. उस समय सरकार ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा था. हालांकि, सदन ने प्रस्ताव में संशोधन करते हुए मंजूरी प्रदान की थी.

क्या है अनुपूरक बजट

अनुपूरक बजट वह अतिरिक्त बजट होता है, जिसे सरकार वर्ष के मध्य में पेश करती है. यह तब किया जाता है, जब मुख्य बजट में दी गयी राशि पर्याप्त नहीं होती हो या किसी आकस्मिक खर्च, नयी योजना, परियोजना विस्तार या अनुमानित व्यय से अधिक लागत के चलते अतिरिक्त धनराशि की जरूरत पड़ती है. इस बजट के तहत राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि आवंटन की मांग करती है, जिसे विधानसभा की स्वीकृति मिलने पर खर्च किया जा सकता है.

अनुपूरक बजट की राशि कहां से आती है

अनुपूरक बजट की धनराशि का मुख्य स्रोत कर एवं गैर-कर राजस्व के रूप में प्राप्त होनेवाली राशि है. केंद्र सरकार से मिले अतिरिक्त अनुदान, विभागों की बचत राशि, योजनाओं के पुनर्गठन से प्राप्त संसाधन व नयी वित्तीय व्यवस्थाएं या ऋण के रूप में प्राप्त राशि का इस्तेमाल भी अनुपूरक बजट के लिए राशि कर्णांकित करने में होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJIV KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >