मजदूरों को पानी नहीं मिला तो अधिकारियों का भी पानी करेंगे बंद : मोर्चा

आजादी के 70 साल बाद कोल इंडिया अपने कर्मियों के दम पर अपने स्वरूप में बदलाव लाया है. बावजूद इतने सालों बाद आजतक एनके एरिया का 70 प्रतिशत आबादी गंदा पानी पीने को विवश हैं

डकरा आजादी के 70 साल बाद कोल इंडिया अपने कर्मियों के दम पर अपने स्वरूप में बदलाव लाया है. बावजूद इतने सालों बाद आजतक एनके एरिया का 70 प्रतिशत आबादी गंदा पानी पीने को विवश हैं. उक्त बातें एनके एरिया संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने मंगलवार को बैठक कर कही. उन्होंने कहा कि कर्मियों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के नाम पर पिछले पांच वर्षों में जो खर्च किये गये हैं, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए. साथ ही जो काम हुए हैं उसका भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन के लिए एक कमेटी बनाकर उसकी जांच करायी जानी चाहिए. मोर्चा के नेताओं ने अधिकारियों पर सीसीएल का पैसा पानी की तरह बहाने का आरोप लगाया. कहा कि बावजूद बूंद-बूंद पानी के लिए मजदूर तरस रहे हैं. उन्होंने मजदूरों को पानी नहीं मिलने पर अधिकारियों के आवास का पानी बंद करने की चेतावनी दी है. इस अवसर पर मिथलेश सिंह, प्रेम कुमार, अमरभूषण सिंह, गोल्टेन प्रसाद यादव, कृष्णा चौहान, डीपी सिंह, प्रमोद कुमार पाठक, शैलेन्द्र कुमार सिंह, दिनेश भर, अरविंद कुमार, अजय चौहान, बूटन चौहान, रामाशीष चौहान, मनोज कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >