क्या JSSC द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यकर्ता परीक्षा होगी रद्द? MPW संघ ने किया दावा, जानें उनकी डिमांड

झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ ने अपनी सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर सोमवार को झारखंड मंत्रालय का घेराव किया. इस प्रदर्शन के बाद JSSC द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा 2024 के रद्द होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है.

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

JSSC Field Worker Exam, रांची : झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ की ओर से सोमवार को अपनी सेवा स्थायीकरण की मांग को लेकर नेपाल हाउस स्थित झारखंड मंत्रालय (सचिवालय) का जोरदार घेराव किया गया. संघ का दावा है कि इस जोरदार विरोध-प्रदर्शन के बाद झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा हाल ही में आयोजित झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा 2024 के रद्द होने की प्रबल संभावना बन गई है. प्रदर्शन के दौरान एमपीडब्ल्यू संघ के प्रतिनिधियों की विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ सकारात्मक माहौल में वार्ता हुई, जिसमें स्थायी समायोजन और नियमावली में संशोधन सहित प्रमुख मांगों पर सहमति बनी. वार्ता में मिले आश्वासनों के बाद संघ ने अपने आंदोलन को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है.

उच्चस्तरीय बैठक में बनी सहमति

प्रदर्शन के बीच अपराह्न तीन बजे अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में एमपीडब्ल्यू संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित की गई. इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं और अवर सचिव रैंक के अधिकारी शामिल थे, जबकि संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार और प्रदेश महासचिव मंगल हेंब्रम के नेतृत्व में राज्यभर के प्रतिनिधि मौजूद रहे. बैठक के बाद संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग एक सप्ताह के भीतर जेएसएससी को परीक्षा रद्द करने के लिए निर्देश जारी करेगा. साथ ही, क्षेत्रीय कार्यकर्ता की बहाली पर रोक लगाते हुए कैबिनेट के माध्यम से संकल्प में सुधार करने और नई नियमावली बनाकर स्थायी समायोजन करने का आश्वासन दिया गया है. गौरतलब है कि आयोग ने 19 जुलाई 2026 को ही 550 क्षेत्रीय कार्यकर्ता और 68 स्वास्थ्य कार्यकर्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी.

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बारिश के बीच नेपाल हाउस के बाहर डटे रहे कर्मचारी

एक तरफ जहां मंत्रालय के भीतर संघ की अधिकारियों के साथ वार्ता चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ नेपाल हाउस परिसर के बाहर बड़ी संख्या में एमपीडब्ल्यू कर्मी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे. हाथों में कटआउट्स और लाल झंडे लिए कर्मचारी अपनी सेवा स्थायीकरण के पक्ष में शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी करते रहे. इस दौरान अचानक तेज बारिश भी शुरू हो गई बावजूद इसके कर्मचारियों का हौसला कम नहीं हुआ और वे भींगते हुए भी परिसर के बाहर धरने पर जमे रहे.

राज्यभर से पहुंचे सैकड़ों प्रतिनिधि

इस विशाल प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम में झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की ओर से सुनील कुमार साह ने भी शिरकत कर अपनी एकजुटता जताई. इसके अलावा संताल परगना समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आए सुजीत कुमार, प्रभाकर पाठक, जावेद अंसारी, अमरेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार महली, मुकेश कुमार, बेलाल अहमद, मनीष कुमार, अमित कुमार, जयप्रकाश कुमार, कृष्ण देव महतो, जयप्रकाश मंडल, मुन्नवर हुसैन, अनुज कुमार, रविकांत कुमार, गेंनालाल मंडल, सुनील कुमार, वी अकरम, जहांगीर इमाम, आलोक कुमार, गुप्तेश्वर कुमार गुप्ता, सौरभ उपाध्याय, वरुण कुमार, संजय कुमार, मनोज कुमार, मुरारीलाल गोंड और मधुकर मधु सहित सैकड़ों एमपीडब्ल्यू कर्मी मुख्य रूप से शामिल रहे.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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