12 साल बाद विधवा को कोर्ट से राहत, मुआवजे और अंतिम संस्कार का खर्च देने का दिया आदेश

गिरिडीह के सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौत के मामले में उनकी पत्नी को आखिरकार न्याय मिला है. रांची हाइकोर्ट ने बीमा कंपनी को मुआवजे के साथ ब्याज, जुर्माना और अंतिम संस्कार का खर्च देने का आदेश दिया है.

रांची. हाइकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने गिरिडीह के सड़क हादसे में ट्रक कमी लक्ष्मण मंडल की मौत के मामले में उनकी पत्नी सुदामा देवी को राहत दी है. जस्टिस द्विवेदी की अदालत ने 2014 में देवघर के श्रम न्यायालय के दिये गये मुआवजा आदेश में संशोधन करते हुए बीमा कंपनी को मुआवजे के साथ दुर्घटना की तारीख से व्याज, 50 प्रतिशत जुर्माना और अंतिम संस्कार का खर्च देने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है. यदि दुर्घटना के एक माह के भीतर मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो कानून के अनुसार ब्याज व उचित स्थिति में जुर्माना भी देना अनिवार्य है. अदालत ने माना कि मृतक की विधवा को समय पर मुआवजा नहीं मिला और श्रम न्यायालय ने कानून के इन प्रावधानों पर विचार नहीं किया

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By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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