Ranchi news : झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत आगे ले जायेंगे : डॉ इरफान

91 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सख्त फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

रांची.

झारखंड के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. राज्य को 91 नये सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) मिले हैं. नामकुम के आइपीएच सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा. साथ ही उन्हें ग्रामीण इलाकों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रेरित किया. मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जायेगा. हम मिलकर झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत आगे ले जायेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 25 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो सुधार नहीं हुए, उन्हें अब तेजी से पूरा किया जा रहा है. इसके लिए सख्त फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे. मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, झारखंड मेडिकल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अबु इमरान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल आदि मौजूद थे.

मंत्री ने दोहरायी कई पुरानी घोषनाएं

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कई पुरानी घोषनाएं दोहरायी. इनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की च्वाइस पोस्टिंग के साथ मनचाहा मानदेय पर नियुक्ति, सभी सदर अस्पतालों में एमआरआइ और सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने, राज्य में 2100 बेड के सुपर स्पेशियलिटी किडनी अस्पताल का निर्माण, हर पंचायत में हेल्थ कॉटेज बनाने, उपचार में एआइ व रोबोटिक टेक्नोलॉजी की व्यवस्था, 108 एंबुलेंस का विस्तार, सुदूरवर्ती इलाकों में मरीजों को बाइक एंबुलेंस की सुविधा, मेडिको सिटी का निर्माण और छह नये मेडिकल कॉलेजों खोले जाने की बात कही.

झारखंड का स्वास्थ्य सूचकांक राष्ट्रीय औसत से बेहतर

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने झारखंड के स्वास्थ्य सूचकांक को राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताया. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य ने बेहतरीन उपलब्धियां हासिल की है. संस्थागत प्रसव को छोड़ उन्होंने आइएमआर और एमएमआर के मामले में राज्य का प्रदर्शन बेहतर बताया.

आंकड़े एक नजर में

शिशु मृत्यु दर : राष्ट्रीय औसत 28, झारखंड का 25मातृत्व मृत्यु दर : राष्ट्रीय औसत 97, झारखंड का 56संस्थागत प्रसव : राष्ट्रीय औसत 88.6, झारखंड का 75

नोट :

दर प्रति एक हजार पर है

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Published by: Rajiv kumar

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