सावधान! वोटर गणना फॉर्म भरते समय न करें ये गलती, नहीं तो फंसेंगे परेशानी में, जानें डाक्यूमेंट्स के नियम

Voter Enumeration Form: भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं को गणना फॉर्म बांटे जा रहे हैं. जानें फॉर्म भरने के नियम, उम्र आधारित जरूरी दस्तावेज और पावती रखने का सही तरीका.

रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट

Voter Enumeration Form, रांची: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है. इस फॉर्म का उद्देश्य मतदाता की पहचान, पता और पात्रता से संबंधित जानकारी का सत्यापन करना है. फॉर्म को सावधानीपूर्वक और सही जानकारी के साथ भरना आवश्यक है. क्योंकि जरा सी गलती आपको परेशानी में डाल सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि गणना फॉर्म कैसे भरें. फॉर्म भरते समय अगर आप देखेंगे तो दिये गए पत्र में सबसे ऊपर बीएलओ का नाम, संपर्क नंबर, मतदान केंद्र और क्यूआर कोड दिया गया है. यह हिस्सा बीएलओ भरेंगे. इसके बाद मतदाता को अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, क्रम संख्या, जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर और पूरा वर्तमान पता भरना है. यदि मतदाता पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तो पुराने और वर्तमान विवरण का मिलान करना भी जरूरी होगा.

जानकारी सही और स्पष्ट लिखनी होगी

फॉर्म में पिता, माता या पति-पत्नी का नाम, जन्म स्थान तथा परिवार के अन्य मतदाताओं का विवरण भी मांगा गया है. सभी जानकारी स्पष्ट और सही लिखनी होगी. यदि किसी जानकारी में परिवर्तन हुआ है, तो उसका सही विवरण दर्ज करना होगा. निर्वाचन आयोग ने पात्रता के अनुसार दस्तावेज भी निर्धारित किए हैं. अनमैप्ड मतदाताओं में से एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाताओं को अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा. वहीं, एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को अपने साथ माता या पिता का प्रमाण भी देना होगा. वहीं, दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं के साथ माता और पिता, दोनों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे.

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प्रमाण के रूप में इन दस्तावेजों को कर सकते हैं जमा

प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, सरकारी सेवा अभिलेख, स्थायी निवास या चुनाव आयोग द्वारा स्वीकृत अन्य दस्तावेज जमा किये जा सकते हैं. फॉर्म भरने के बाद मतदाता को निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाना होगा और आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां बीएलओ को सौंपनी होगी. चुनाव आयोग ने अपील की है कि सभी मतदाता सही और पूर्ण जानकारी देकर पुनरीक्षण प्रक्रिया को सफल बनाये.

फॉर्म की दो प्रतियां मिलेगी, पावती अपने पास रखें मतदाता

मतदाताओं को बीएलओ द्वारा गणना फार्म दो प्रतियों में उपलब्ध कराये जा रहे हैं. मतदाताओं को उन दो गणना फॉम को बिना किसी त्रुटि के भरना अनिवार्य है. फॉर्म भरने के बाद एक प्रति बीएलओ के पास जमा करना होगा. वहीं, दूसरी प्रति मतदाता को पावती के रूप में स्वयं रखना है. हालांकि, पावती पर रिसिविंग की आवश्यकता अनिवार्य नहीं है. कई जगहों से मतदाताओं द्वारा फॉर्म की दोनों प्रतियां को बीएलओ के पास जमा करने की सूचना मिल रही है. ऐसा गलती नहीं करना है.

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Published by: Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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