मांडर.
करगे भूटकुड़िया जतरा स्थल में बुधवार को 21 पाड़हा सोहराई जतरा का आयोजन किया गया. जतरा में करगे बड़का अखड़ा, करगे छोटका अखड़ा, नवाटोली करगे, हर्रा, मलती, हेसमी, डरू टंगरा टोली मांडर सहित लगभग 15 गांव के लोग अपने खोड़हा के साथ शामिल हुए. उन्होंने पारंपरिक नृत्य व गीत प्रस्तुत किया. जतरा में रांची जिला राजी पाड़हा प्रार्थना सभा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र उरांव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. उन्होंने आदिवासी परंपरा एवं संस्कृति की विस्तृत जानकारी दी. कहा कि हमारे पुरखों ने इस सभ्यता एवं संस्कृति को सींच कर रखा है. अब हम लोगों का कर्तव्य है कि इसे कैसे आगे बढ़ायें और संरक्षित करें. जतरा में बिरसा पाहन, मनोज पहान, गोपाल उरांव, मनोज किस्पोटा, सुका उराव, रामबालक ठाकुर सहित अन्य ने भी विचार व्यक्त किये. मौके पर पार्वती मुंडा, हंजी उराव, रंजीता भगत, विमला उरांव, संगीता भगत, देवकी उरांव, लक्षमण उरांव, संगीता भगत सहित अन्य उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
