रांची. प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने राज्य परिवहन प्राधिकार (एसटीए) और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) के निष्क्रिय रहने पर नाराजगी जतायी है. एसोसिएशन ने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. इस अवधि में दोनों प्राधिकारों का नियमित कामकाज शुरू नहीं हुआ, तो झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दायर करने के साथ चक्का जाम किया जायेगा. जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी गयी है.
परमिट के कई आवेदन लंबित
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य परिवहन प्राधिकार और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार का गठन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत किया गया है. झारखंड मोटर वाहन नियमावली के प्रावधानों के अनुसार इनका नियमित संचालन होना चाहिए. लेकिन लंबे समय से कामकाज प्रभावित होने के कारण बस मालिकों के परमिट से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं.
एसोसिएशन के अनुसार, समस्या को लेकर विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गयी. हर बार समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ.
चालक-परिचालक भी प्रभावित
एसोसिएशन का दावा है कि प्राधिकारों के गैर-कार्यात्मक रहने से बस मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसके अलावा हजारों चालक और परिचालक भी प्रभावित हो रहे हैं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं.
प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि सरकार 15 दिनों के भीतर एसटीए और आरटीए का नियमित कामकाज शुरू करे. बस मालिकों के परमिट से संबंधित सभी लंबित आवेदनों समेत अन्य वैधानिक कार्यों का भी निष्पादन किया जाये. निर्धारित अवधि में काम शुरू नहीं हुआ, तो एसोसिएशन हाइकोर्ट का रुख करेगा. साथ ही चक्का जाम या हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा.
