मांडर.
मांडर टोल प्लाजा के मैनेजर की तानाशाही और दुर्व्यवहार से नाराज टोलकर्मियों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया. दोपहर करीब दो बजे से काम छोड़ कर प्रशासनिक भवन के समक्ष हंगामा करने वाले टोलकर्मियों का कहना था कि टोल प्लाजा के मैनेजर आरपी यादव महिला और पुरुष टोलकर्मियों के साथ अक्सर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करते हैं. बिना वजह कर्मियों का वेतन भी काट लेते हैं. पिछले दिन 16 अक्तूबर को एक वाहन मालिक से मामूली बहस के आरोप में मनमाने तरीके से तीन कर्मियों सुमित राम, पंकज उरांव और दीपक उरांव को टर्मिनेट कर दिया था. जिन्हें 21 अक्तूबर को नये रोस्टर में ड्यूटी भी नहीं दी गयी. टोलकर्मियों ने तीनों टोलकर्मियों को ड्यूटी पर वापस लेने व महिलाकर्मियों से गाली व दुर्व्यवहार पर रोक लगाने व दीवाली का बोनस देने की भी मांग किये. टोलकर्मियों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मांडर थाना प्रभारी मनोज करमाली टोल प्लाजा पहुंचे और कर्मियों तथा मैनेजर के बीच वार्ता करायी. वार्ता के बाद शाम करीब पांच बजे टोलकर्मी काम पर वापस लौटे. इधर टोल प्लाजा के मैनेजर आरपी यादव ने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद बताया. कहा कि 16 अक्तूबर को एक वाहन मालिक से विवाद करने को लेकर तीन कर्मियों को सस्पेंड किया था. जिन्हें अब काम पर वापस लिया गया है. वहीं कर्मियों द्वारा बोनस की मांग को लेकर उनका कहना था कि कंपनी में बोनस का कोई प्रावधान नहीं है.टाेल मैनेजर पर मनमानी व दुर्व्यवहार का आरोप
मांडर 1, विरोध प्रदर्शन करते टोलकर्मी.B
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