Ranchi news : पिछले 48 घंटे में राजधानी में 113 बार बाधित हुई बिजली

गर्मी में लोड बढ़ने के कारण बार-बार ट्रिप हो रही सप्लाई लाइन. लोगों को काफी परेशानी का करना पड़ रहा है सामना.

रांची. भीषण गर्मी के कारण इन दिनों शहर के कई मोहल्लों में बिजली ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गयी है. इससे लोगों को परेशानी हो रही है. दिन के अलावा रात में भी बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है. जगह-जगह एलटी केबल और 11 केवी लाइन में लोकल फॉल्ट से आपूर्ति बाधित हो रही है. इलेक्ट्रिक सप्लाई सर्किल रांची के डेली पावर इंट्रप्शन रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 48 घंटे में राजधानी में 113 बार बिजली आपूर्ति किसी न किसी रूप से बाधित हुई. रांची के अंदर कई इलाकों में दो से तीन घंटे तक बिजली काटी गयी. ज्ञात हो कि मांग के अनुरूप बिजली मिल रही है. लेकिन, लोड के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है.

कई इलाकों में ट्रांसफाॅर्मर जले

अत्यधिक लोड को उपकरण झेल नहीं पा रहे हैं. इसके चलते न्यू कॉलोनी हैदर अली रोड सहित कुछ जगहों पर ट्रांसफाॅर्मर जल गये. बाद में उसे बदला गया. वहीं, फ्यूज उड़ने के चलते बार-बार पावर ट्रिपिंग होती रही, जिसे शटडाउन लेकर बनाया गया. कई क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली रहने के बावजूद लोगों को आपूर्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. वहीं, ब्रेकर के ट्रिप होने का सबसे आम कारण ओवरलोडेड सर्किट है. आमतौर पर एक ही सर्किट पर बहुत सारे उपकरणों के चलने से समस्या ज्यादा हो रही है.

ब्रेकर को रीसेट करने से समस्या बढ़ी

सर्किट ब्रेकर किसी कारण से ट्रिप हो जाते हैं और आपको पता न हो कि वे पहली बार क्यों ट्रिप हुए थे, तब तक उन्हें रीसेट नहीं किया जा सकता. रीसेट करने से समस्या बढ़ी है. अधिकांश समय ब्रेकर ओवरलोडेड सर्किट के कारण सप्लाई लाइन में जगह-जगह लगे रिंग मेन यूनिट बाक्स ट्रिप हो रहे हैं. इसके अलावा भी कमजोर और ढीले कनेक्शन, शॉर्ट सर्किट, तारों के टूटने से भी फॉल्ट ज्यादा हो रहे हैं. वहीं, नया सर्किट बनाने के साथ ही पुराने उपकरणों को बदलकर उसकी जगह पर ज्यादा क्षमता के तार, ट्रांसफाॅर्मर और पैनल लगाये जाना चाहिए, जिससे कि ओवरलोडिंग और ओवर हीटिंग जैसी समस्या से बचा जा सके. काम तेजी से हुए हैं, लेकिन फिलहाल यह नाकाफी साबित हो रहे हैं.

उपभोक्ताओं के हिसाब से सबस्टेशनों की क्षमता नहीं बढ़ी

राजधानी में उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से सबस्टेशनों की क्षमता नहीं बढ़यी गयी है. साथ ही सिस्टम को अपग्रेड नहीं किया गया है. इस कारण ट्रिपिंग की समस्या होती है. वहीं, ओवरलोड की समस्या भी खत्म नहीं हो रही है. स्थिति यह है कि भीषण गर्मी में जैसे ही मोहल्लों में लोड बढ़ता है, तो ग्रिडों और सबस्टेशनों की सांसें फूलनी शुरू हो जाती हैं.

इस वर्ष 20-30 मेगावाट लोड बढ़ा

अप्रैल 2023 में राजधानी के तीनों प्रमुख ग्रिडों का कुल लोड औसतन हर दिन 310 मेगावाट था.वहीं, इस वर्ष अप्रैल माह में यह लोड औसतन 330 से 340 मेगावाट है.

इन वजहों से कट रही बिजली

– लोड शेडिंग- शटडाउन- ब्रेक डाउन- ओवरलोड और फॉल्ट से पावर ट्रिपिंग

क्या है समाधान

सबसे आसान और सबसे प्रभावी समाधान यह है कि उपभोक्ताओं और सप्लायर के बीच मल्टी डेडिकेटेड ग्रिड, सबस्टेशन, ट्रांसफाॅर्मर व हाई वोल्टेज सर्किट का निर्माण हो.

किस ग्रिड से कितना डिमांड

हटिया ग्रिड

– सामान्य दिनों में अधिकतम डिमांड : 110 से 125 मेगावाट- भीषण गर्मी में अधिकतम डिमांड : 130 से 138 मेगावाट

नामकुम ग्रिड

– सामान्य दिनों में अधिकतम डिमांड : 90 से 110 मेगावाट

– भीषण गर्मी में अधिकतम डिमांड : 115 से 125 मेगावाट

कांके ग्रिड

– सामान्य दिनों में अधिकतम डिमांड : 40 से 50 मेगावाट- भीषण गर्मी में अधिकतम डिमांड : 65 से 75 मेगावाट

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Published by: Rajiv kumar

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