Ranchi News : क्रूस विजय, आशा और अनंत जीवन का प्रतीक : सिस्टर अन्ना

विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम दया की धर्म बहनें सिस्टर अन्ना, सिस्टर जीनि, सिस्टर लीली जोश, सिस्टर मेबल, सिस्टर जुली का पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ स्वागत किया.

होली क्रॉस स्कूल में विद्यालय दिवस मना, छात्रों ने प्रेम का दिया संदेश

रांची. होली क्रॉस स्कूल में शनिवार को विद्यालय दिवस मनाया गया. विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम दया की धर्म बहनें सिस्टर अन्ना, सिस्टर जीनि, सिस्टर लीली जोश, सिस्टर मेबल, सिस्टर जुली का पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ स्वागत किया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा के साथ हुई. स्कूल प्रबंधक सिस्टर अन्ना लुगुन ने क्रूस के बारे बताते हुए कहा कि क्रूस एक बलिदान, त्याग, प्रेम, आशा और शांति का प्रतीक है. क्रूस येसु ख्रीस्त के अथाह प्रेम व बलिदान को चिंतन करने व उनपर छीपे रहस्यात्मक बातों पर मनन करने का आह्वान करती है. क्रूस जो कभी पीड़ा और मृत्यु का प्रतीक था अब वह विजय, आशा और अनंत जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है. होली क्रॉस संस्था की धर्म बहनों के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि एक होली क्रॉस सिस्टर के लिए पवित्र क्रॉस उसकी पहचान और मिशन का सार है. क्रॉस सिर्फ प्रतीक नहीं बल्कि जीवंत वास्तविक है. विद्यालय दिवस पर विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक और सहायक कर्मियों ने भी कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दिखाई और कार्यक्रम प्रस्तुत किया. बच्चे फूल, ग्रीटिंग कार्ड और उपहार देकर धर्म बहनों को विद्यालय दिवस पर शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर सिस्टर सुनीता, सिस्टर लीटिसिया, सिस्टर प्यारी, सिस्टर अल्पना और सिस्टर कुसुम उपस्थित थीं.

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