डकरा. हड़ताल का एनके एरिया में व्यापक असर रहा. सुबह प्रथम पाली से ही मजदूरों की नाराजगी स्वत: स्फूर्त देखा गया और हाजिरी नहीं बनायी. लोगों ने ड्यूटी स्थल पर मौजूद रह कर हड़ताल का समर्थन किया. हड़ताल समर्थित श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि सभी क्षेत्रों में घूम-घूम कर हड़ताल के असर का जायजा लेते रहे. कहीं भी ऐसा नजारा नहीं दिखाई दिया, जहां कोई ड्यूटी करने जा रहा हो और हड़ताल समर्थित संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बकझक जैसी स्थिति बनी हो. कोयला उत्पादन, डिस्पैच और ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप रहा. प्रथम पाली में मजदूरों के रुख को देखते हुए हड़ताल समर्थित नेताओं ने घूमना छोड़ कर डकरा स्थित एटक कार्यालय में बैठक बुलाकर स्थिति का जायजा लेते रहे और मीडिया एवं अपने-अपने संगठन के बड़े नेताओं को अपडेट रिपोर्ट देते रहे. देर शाम संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर हड़ताल को प्रभावी बनाने का श्रेय मजदूरों को दिया और कहा कि चार लेबर कोड के दुष्परिणाम संबंधित जो जानकारी मजदूरों को दी गयी, वे उसे समझें हैं और अपना वेतन कटवा कर भारत सरकार को यह संदेश देने का काम किया है कि वे चार लेबर कोड वापस नहीं लिये, तो आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन के लिए वे तैयार हैं. यहां जनता मजदूर संघ, राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन, युनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन, एनसीओईए (सीटू), कोल फील्ड मजदूर यूनियन, बिहार कोलियरी मजदूर यूनियन, झारखंड कोयला मजदूर यूनियन, ऑल झारखंड कोयला श्रमिक संघ, आरसीएमएस ददई, आरसीएमयू (इंटक), रैयत विस्थापित मोर्चा जैसे संगठन के प्रतिनिधि हड़ताल के समर्थन में उतरे थे.
हड़ताल का एनके एरिया में व्यापक असर, कोयला उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और डिस्पैच पूरी तरह ठप रहा
हड़ताल का एनके एरिया में व्यापक असर रहा. सुबह प्रथम पाली से ही मजदूरों की नाराजगी स्वत: स्फूर्त देखा गया
