Ranchi News : 17 नवंबर से बैंड-बाजा-बारात का होगा धमाका

चार माह बाद भगवान विष्णु के जागरण के साथ अब शहनाई बजने का इंतजार समाप्त हो गया है. वाराणसी पंचांग के अनुसार 17 नवंबर से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जायेंगे.

16 दिसंबर से खरमास, 14 जनवरी तक विवाह वर्जित, वेलेंटाइन डे पर भी रहेगा शुभ मुहूर्त

रांची. चार माह बाद भगवान विष्णु के जागरण के साथ अब शहनाई बजने का इंतजार समाप्त हो गया है. वाराणसी पंचांग के अनुसार 17 नवंबर से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जायेंगे. इस दिन रात्रिकालीन लग्न रहेगा. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने बताया कि इस दिन रात 1:02 बजे तक मृत्यु वाण रहेगा, जिसके बाद से लग्न काल प्रारंभ होगा. उन्होंने कहा कि इस माह में 30 नवंबर तक विवाह संभव है. वहीं, दिसंबर में छह दिसंबर तक लग्न रहेंगे. 16 दिसंबर से खरमास प्रारंभ होगा, जो रात 1:47 बजे से लगेगा और 14 जनवरी 2026 की रात 9:38 बजे समाप्त होगा. वर्ष 2026 के जनवरी में कोई विवाह लग्न नहीं रहेगा. फरवरी और मार्च में अधिक लग्न हैं. विशेष बात यह है कि वर्ष 2026 में वेलेंटाइन डे (14 फरवरी) के दिन भी विवाह का शुभ मुहूर्त रहेगा, जिसके कारण उस दिन भी शादियों की धूम रहेगी. वहीं, मिथिला पंचांग के अनुसार 20 नवंबर से विवाह लग्न प्रारंभ होंगे, जो छह दिसंबर तक रहेंगे. जनवरी में केवल एक दिन का लग्न रहेगा, जबकि फरवरी में सर्वाधिक नौ लग्न रहेंगे. इस बार 16 मई से 15 जून तक मलमास रहने के कारण विवाह के मुहूर्त अपेक्षाकृत कम हैं.

निमंत्रण वितरण और बैंड-बाजे की बुकिंग शुरू

17 नवंबर से होने वाले विवाह समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है. भगवान को निमंत्रण पत्र समर्पित करने के बाद कार्ड वितरण प्रारंभ कर दिया गया है. अब लोग पारंपरिक कार्ड के साथ-साथ ई-कार्ड भी भेज रहे हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले मेहमान समय पर पहुंच सकें. विवाह मंडप, खानसामा और बैंडवालों की बुकिंग अग्रिम रूप से की जा रही है, ताकि अंतिम समय में परेशानी न हो. वहीं, घरों में अब से ही वैवाहिक गीतों की गूंज सुनाई देने लगी है.

बैंक्विट हॉल्स में बुकिंग तेज

बैंक्विट हॉल संचालकों के अनुसार, बड़े मुहूर्त नवंबर और फरवरी में काफी अच्छी बुकिंग है. बल्कि अप्रैल-मई के लिए भी इस समय बुकिंग तेजी से हो रही है. 50 से 60 फीसदी तक बुकिंग हो भी चुकी है. नवंबर में नौ और दिसंबर में लगभग पांच दिन बड़े मुहूर्त हैं. शादियों के मुहूर्त के साथ ही बैंड और घोड़े वालों ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली है.

शुभ मुहूर्त का होना जरूरी

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है. वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है. इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है. रवि गुरु का संयोग सिद्धिदायक और शुभफलदायी होते हैं. इन तिथियों पर शादी-विवाह को बेहद शुभ माना गया है.

इन तारीखों पर शादियों के बड़े मुहूर्त

नवंबर : 17, 18, 21, 22, 23, 24, 25, 29, 30.

दिसंबर : 01, 04, 05, 06.जनवरी (2026) : कोई लग्न नहीं.

फरवरी (2026): 03, 04, 05, 08, 09, 10, 11, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26.मार्च (2026): 02, 04, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 12, 13, 14.

मिथिला पंचांग के अनुसार वैवाहिक लग्न तिथियां

नवंबर : 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30.

दिसंबर : 01, 04, 05.जनवरी (2026) : 29.

फरवरी (2026) : 05, 06, 08, 15, 19, 20, 22, 25, 26.मार्च (2026): 04, 09, 11, 13.

अप्रैल (2026): 17, 20, 26, 30.मई (2026): 01, 06, 08, 10, 13.

जून (2026): 19, 24, 25, 26, 28, 29.जुलाई (2026): 01, 02, 03, 06, 09, 12.

नवंबर (2026): 22, 25, 26, 30.दिसंबर (2026): 04, 06, 09, 10, 11, 14.

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