मुरी, पिस्का, लोहरदगा स्टेशन का कायाकल्प अब अंतिम दौर में

अमृत भारत योजना के तहत रांची रेल डिवीजन के तीन स्टेशनों (मुरी, पिस्का और लोहरदगा) को पुनर्विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है.

रांची. अमृत भारत योजना के तहत रांची रेल डिवीजन के तीन स्टेशनों (मुरी, पिस्का और लोहरदगा) को पुनर्विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है. इसका उद्घाटन इस माह के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन करेंगे. लोहरदगा और मुरी स्टेशन पर यात्रियों को नयी स्टेशन बिल्डिंग, आधुनिक वास्तुकला, आरामदायक प्रतीक्षालय, कंप्यूटरीकृत टिकट बुकिंग काउंटर, हाई लेवल प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेड, सुविधाजनक फुटओवर ब्रिज, बुजुर्गों-दिव्यांगजनों और सामान के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए रैंप और लिफ्ट की सुविधा मिलेगी. साथ ही पूरे परिसर और प्लेटफॉर्म पर एलईडी लाइट, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रैंप, रेलिंग, विभिन्न स्थानों पर स्वच्छ पेयजल, स्टेशन के बाहर पार्किंग एरिया, एप्रोच रोड, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की सुविधा होगी. पिस्का स्टेशन में कंप्यूटरीकृत टिकट बुकिंग काउंटर, हाई लेवल प्लेटफॉर्म, शौचालय, एलइडी लाइट, दिव्यांगों के लिए रैंप और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी. मालूम हो कि रांची डिवीजन के 15 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प किया जाना है. इनमें गोविंदपुर रोड स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने हाल में ऑनलाइन किया था. शेष 14 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य जारी है.

इन स्टेशनों का होना है पुनर्विकास

डीआरएम करुणा निधि सिंह ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत मुरी, पिस्का और लोहरदगा स्टेशन का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है. जल्द ही प्रधानमंत्री इनका ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे. डीआरएम ने बताया कि रांची रेल डिवीजन के जिन स्टेशनों को पुनर्विकसित करना है, उनमें ओरगा, टाटीसिलवे, पिस्का, लोहरदगा, बालसिरिंग, बानो, पोरका, नामकुम, गंगाघाट, मुरी, सिल्ली, तुलिन और रामगढ़ कैंट शामिल हैं. इनमें ओरगा, बालसिरिंग, टाटीसिलवे और नामकुम में 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. शेष स्टेशनों का कार्य चार से पांच माह में पूरा हो जायेगा.

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