रांची. रांची नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी और अव्यवस्था सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबरों पर संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित करने का आदेश दिया है. उन्होंने रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी को पत्र भेज कर सात दिन में जांच प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है.
पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाये
पत्र में कहा गया है कि मतदाता सूची तैयार करनेवाले बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) सहित संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाये. आयोग से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाये. मालूम हो कि रांची नगर निगम की मतदाता सूची तैयार करने और वार्डवार विखंडन में हुई त्रुटियों के कारण सैकड़ों मतदाताओं को बिना वोट दिये बूथ से वापस लौटना पड़ा था. बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने, नाम कटने या दूसरे वार्ड में स्थानांतरित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था. अव्यवस्था का आलम यह था कि आम जनता के साथ-साथ खास लोग भी परेशान नजर आये.
केंद्रीय मंत्री की पत्नी वार्ड 33 की वोटर, पर नाम वार्ड 34 की सूची में
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ की पत्नी वार्ड 33 की वोटर हैं, लेकिन उनका नाम वार्ड 34 की सूची में मिला. इसी तरह कई इलाकों में मतदाता अपने पहचान पत्र लेकर बूथों पर भटकते रहे, लेकिन लिस्ट में नाम नहीं होने से उन्हें निराशा हाथ लगी. इससे लोगों में नाराजगी देखी गयी थी. कई बूथों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि मतदाता एक से दूसरे बूथ तक चक्कर काटने के बाद हार मानकर घर लौट गये थे.
