रांची. मलयाली एसोसिएशन ने शनिवार को केरली स्कूल में धूमधाम से ओणम का त्योहार मनाया. फूलों से रंगोली सजायी गयी और दीप जलाये गये. महिलाएं पारंपरिक परिधान में कार्यक्रम में शामिल हुईं. एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष सजी नायर ने बताया कि ओणम केरल के राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है. राजा महाबली दानवीर थे और वे प्रजा को एक बराबर मानते थे. उन्होंने कहा कि एक बार भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर बलिपुरम पहुंचे और आश्रम बनाने के लिए दान में तीन पग जमीन मांगी. राजा ने देने के लिए उन्हें अनुमति दी. वामन ने दो पग में पूरी जमीन ले ली. लेकिन, तीसरे पग के लिए राजा ने अपने आप को उन्हें सौंप दिया. इससे राजा महाबली को पाताल लोक जाना पड़ा. महाबली अपनी प्रजा से अत्यधिक प्रेम करते थे, इसलिए उन्होंने वामन देव से साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने के लिए वरदान मांगा. ओणम के दिन राजा महाबली के आगमन का स्वागत किया जाता है. कई प्रकार के भोजन बनाये जाते हैं और रंगोली, फूल के दीप जला कर घरों को सजाया जाता है.
राज्य टॉपर को किया सम्मानित
सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष सजी नायर ने किया. उन्होंने उपस्थित लोगों को सुखी व समृद्ध ओणम की शुभकामनाएं दी. एसोसिएशन के सदस्यों ने तिरूवाथिरा, समूह नृत्य, गीत और वल्लम काली पाट्टू जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आंनद लिया. इस अवसर पर अरायना भारद्वाज और आदित्य राज, जो कि सीबीएसई 10वीं परीक्षा 2025 में राज्य टॉपर रहे हैं को सम्मानित किया गया. वहीं, 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी सम्मानित किया गया. इस अवसर पर एसोसिएशन से कार्यकारी अध्यक्ष सजी नायर, फिलिप मैथ्यू, सुकुमारन नायर, लालू जॉज, प्राचार्य राजेश पिल्लई, के जॉय मौजूद थे.आज लोगों को परोसे जायेंगे 28 प्रकार के व्यंजन
एसोसिएशन ने रविवार को महाभोज का आयोजन किया है. केरल से रसोइयों को बुलाया गया है. पारंपरिक भोजन तैयार करेंगे. लोगों को केले के पत्ते पर 28 से अधिक व्यंजन परोसे जायेंगे. इनमें चावल, पारिप्पु, सांभर, रसम, कूटु करी, अवियल, ओलन, कालन, एरिस्सेरी, पचड़ी, इंजी पुली, अचार, पापड़म, केले के चिप्स, शर्करा उप्पेरी, परिप्पू, पायसम, प्रधमन, दही शामिल है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
