Ranchi News : आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका माताजी का मंगल प्रवेश

ससंघ आर्यिका 105 अपूर्व मति माताजी और अनुपम मति माताजी समेत कुल 13 पिच्छिका के संघ का विहार सम्मेद शिखर जी की ओर जारी है.

रांची. युग शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर और आचार्य समय सागर महाराज की शिष्या आर्यिका मां 105 अनर्घ मति माताजी, ससंघ आर्यिका 105 अपूर्व मति माताजी और अनुपम मति माताजी समेत कुल 13 पिच्छिका के संघ का विहार सम्मेद शिखर जी की ओर जारी है. विहार के दौरान सोमवार को अपर बाजार जैन मंदिर में उनका मंगल प्रवेश हुआ. इससे पूर्व प्रातः माताजी का संघ डीएवी हेहल से विहार कर सुबह आठ बजे वासुपूज्य जिनालय में भगवान के दर्शन के पश्चात 8.30 बजे अपर बाजार जैन मंदिर पहुंचा. इसके बाद धर्मसभा का आयोजन किया गया. आर्यिका श्री 105 अनुपम मति माताजी ने अपने प्रवचनों में बताया कि उन्हें अपने गुरु का सानिध्य किस प्रकार प्राप्त हुआ और आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के त्याग से प्रेरित होकर उन्होंने अपने जीवन को आत्मसाधना की ओर समर्पित किया, जो उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटना रही. अपूर्व मति माताजी ने अपने व्याख्यान में आध्यात्मिकता, मानवता और जीवन-शैली पर केंद्रित प्रवचन देते हुए ज्ञान, तप, कला और साहित्य के समन्वय की विशेषता पर प्रकाश डाला. माताजी यहां कुछ देर ठहरने के बाद पुनः दो बजे विहार पर आगे बढ़ीं. विहार में जैन समाज के बाहर से आये श्रद्धालुओं के साथ-साथ जैन समाज रांची के लोग भी शामिल रहे, जिनमें मंत्री जीतेंद्र छाबड़ा, धर्मेंद्र छाबड़ा, संजय छाबड़ा, प्रमोद झांझरी, पदम गोधा, विनिता सेठी, सुमन काला, अजीत काला, अशोक सोगानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे. रात्रि विश्राम महावीर भवन, बूटी मोड़ में हुआ. मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने बताया कि मंगलवार को उनकी आहारचर्या भी वहीं होगी और इसके बाद दोपहर में आगे का विहार किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By MUNNA KUMAR SINGH

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