बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता मिलने तक नहीं चलेगा सदन

भाजपा विधायक सदन के बाहर धरना पर बैठे. नेताओं ने कहा कि जब तक बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं मिलेगी, तब तक सदन नहीं चलेगा

रांची :बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता प्रदान करने के लेकर भाजपा विधायकों ने सदन के अंदर व बाहर प्रदर्शन किया. सुबह में भाजपा विधायक सदन के बाहर धरना पर बैठे. नेताओं ने कहा कि जब तक बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं मिलेगी, तब तक सदन नहीं चलेगा. विधायक पोस्टर लेकर धरने पर बैठे थे. इसमें लिखा था नेता प्रतिपक्ष पर क्यों करते देरी, नहीं चलेगी हेराफेरी. स्पीकर संविधान की रक्षा करें.

नेता प्रतिपक्ष को शीघ्र मान्यता प्रदान करें. विधायक अनंत ओझा ने कहा कि जब तक नेता प्रतिपक्ष को मान्यता नहीं मिलेगी, तब तक सदन नहीं चलने देंगे. जब तक लोकतंत्र की हत्या होती रहेगी, तब तक आवाज उठाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को लोकतंत्र के बारे में बोलने का अधिकार नहीं है. पिछले पांच साल तक उन्होंने में विपक्ष में रहते हुए सदन को चलने नहीं दिया. जनता ने भाजपा को प्रतिपक्ष में रहने का जनादेश दिया है. हम लोकतंत्र की रक्षा को लेकर चुन कर आयें हैं. आखिर सरकार क्यों बाबूलाल मरांडी से डरी हुई है.

राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि तैयार कर रही सरकार : बिरंची नारायण : विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि भाजपा बाबूलाल मरांडी जैसे बेदाग चरित्र वाले व्यक्ति को लाकर पहरेदारी कराने का काम कर रही है. हम चाहते हैं कि बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहरेदारी करें. ऐसे में सत्ता पक्ष के पेट में दर्द क्यों हो रहा है. मेरा मानना है कि सरकार राज्य सभा चुनाव को लेकर पृष्ठभूमि तैयार कर रही है.

ढुल्लू महतो को भी इसलिए परेशान किया जा रहा है, ताकि बेवजह वे भागे रहें. इससे एक वोट घटेगा. बाबूलाल मरांडी के मामले को टालते-टालते उनकी सदस्यता रद्द करने की तैयारी की जा रही है. इसमें क्यों विलंब किया जा रहा है. अगर सदस्यता रद्द करनी है, तो आज ही रद्द कर दिया जाये. इनके साथ झाविमो के दो अन्य विधायक प्रदीप यादव व बंधु तिर्की की भी सदस्यता रद्द की जाये. झामुमो व कांग्रेस के इशारे पर साजिश रची जा रही है. प्रदर्शन करनेवालों में रणधीर सिंह, नीरा यादव, अमर बाउरी, राज सिन्हा समेत कई भाजपा विधायक शामिल थे.

जब बाबूलाल कुतुबमीनार से कूदेंगे, मैं भी इस्तीफा दे दूंगा : इरफान

कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी कहा करते थे कि भाजपा में जाने से बेहतर कुतुबमीनार के कूदना होगा. अब वे भाजपा की गोद में बैठ गये हैं. जब बाबूलाल मरांडी कुतुबमीनार से कूदेंगे, तब मैं इस्तीफा दे दूंगा. बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की मान्यता प्रदान करने का मामला नीतिगत है. इस पर स्पीकर को निर्णय लेना है. यह पूछे जाने पर कि प्रदीप यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद आपने कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा आलाकमान के पास भेज दिया है. इस पर आलाकमान को निर्णय लेना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >