रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को लेकर कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. जिसमें सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों पुनर्गठित शैक्षणिक पदों के रि-अलाइनमेंट एवं डिग्री महाविद्यालय, बरही का नाम परिवर्तित कर डिग्री महाविद्यालय, चंदवारा करने की स्वीकृति दी गई है. वहीं विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, रांची विश्वविद्यालय रांची, सिदो-कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय मेदिनीनगर के पुनर्गठित शैक्षणिक पदों के रिलाइनमेंट की भी स्वीकृति दी गई है.
इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में सरकार ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग अंतर्गत गिरिडीह जिले में डिग्री महाविद्यालय जमुआ के निर्माण के लिए 38 करोड़ 22 लाख 33 हजार रुपये प्रशासनिक स्वीकृति दी है जबकि रामगढ़ जिले के मांडु डिग्री कॉलेज के लिए निर्माण के लिए 40 करोड़ 14 लाख 96 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
अब 1 जनवरी 2016 के प्रभाव से मिलेगा विवि कर्मियों का 7वां वेतनमान
कैबिनेट द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को सातवां वेतनमान का लाभ दिनांक-01.01.2016 से करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई.
जिला समिति करेगी कल्याण विभाग के हॉस्टल संचालकों के लिए NGO का चयन
अनुसचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु के लिए पूर्व में टीडब्ल्यूसी द्वारा एनजीओ का चयन किया जाता था. अब डीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति चयन करेगी. इसके लिए झारखंड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा जाति एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई.
अधिवक्ता कल्याण कोष में दी गई राशि
कैबिनेट द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के स्तर पर गठित झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए सहायता अनुदान सामान्य (गैर वेतन) मद में 12 करोड़ 32 लाख रुपये का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई. वहीं झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई. साथ ही झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखंड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर दो अभ्यर्थियों संजय कुमार सरोज व आनंद कुमार त्रिपाठी को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई.
झारखंड हाईकोर्ट व पटना हाईकोर्ट में झारखंड से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए नियुक्त विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण / पुनरीक्षण की स्वीकृति प्रदान की गई. वहीं झारखंड के महाधिवक्ता के लिए वरीय अपर महाधिवक्ता के 2 अतिरिक्त पद, अपर महाधिवक्ता के 1 अतिरिक्त पद, राजकीय अधिवक्ता का 1 अतिरिक्त पद, सरकारी वकील का 44 अतिरिक्त पद एवं लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.
SNMMCH कॉलेज और हॉस्पिटल में आधारभूत संरचना के लिए राशि
SNMMCH कॉलेज व हॉस्पिटल धनबाद में 100 सीट से बढ़ा कर 250 सीट करने और 200 पीजी सीट, पोस्ट पीजी 50 सीट करने के लिए जरूरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 1 अरब 94 करोड़ 73 लाख 42 हजार 6 सौ रुपये की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. आदित्यपुर नगर निगम के नए भवन के लिए निर्माण के लिए 39 करोड़ 67 लाख 9 हजार रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
गुमला जिला के घाघरा से जोकारी पथ के निर्माण के लिए 101 करोड़ 77 लाख 37 हजार 700 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. जबकि रांची जिला के टांगरबसली मोड़ से बोबरो मोड़ पथ के निर्माण के लिए 63 करोड़ 77 लाख 13 हजार 300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
कैबिनेट के अन्य फैसले
हाईकोर्ट के आदेश पर वेजफेड रांची के तत्कालीन एमडी रमोद नारायण झा को पूर्व में दी गई सजा पेंशन की राशि जब्त करने एवं गबन की राशि ब्याज समेत लेने के आदेश को रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा गुमला-सिमडेगा केंद्रीय सहकारी बैंक के तत्कालीन एमडी चंद्रेश्वर कापर पर लगाये गए दंड को निरस्त कर दिया गया है.
