Ranchi News : छठ की आस्था में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था

महापर्व छठ 27 और 28 अक्तूबर को मनाया जायेगा. शहर के विभिन्न छठ घाटों पर हजारों श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ अर्पित करने पहुंचेंगे.

छठ घाटों पर चौकस नगर निगम, 26 खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग जारी

25 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ आरंभ होगा चार दिवसीय महापर्व छठ

छठ महापर्व का खरना 26 अक्तूबर को, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ 27 अक्तूबर और उदीयमान सूर्य को अर्घ के साथ पारण 28 अक्तूबर को

रांची. महापर्व छठ 27 और 28 अक्तूबर को मनाया जायेगा. शहर के विभिन्न छठ घाटों पर हजारों श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ अर्पित करने पहुंचेंगे. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रांची नगर निगम द्वारा सभी छठ घाटों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया है. वर्तमान में सभी घाट व्रतियों के लिए पूरी तरह तैयार है. हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है. ऐसे में व्रतियों को अर्घ अर्पण करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी.

26 घाट खतरनाक घोषित

मॉनसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण रांची नगर निगम ने शहर के 26 घाटों को खतरनाक घोषित किया है. इनमें प्रमुख रूप से कांके डैम, हातमा तालाब, तिरिल बस्ती (कोकर), जोड़ा तालाब, भाभा नगर (कोकर), टुनकी टोला तालाब, जेल तालाब, चडरी तालाब, करमटोली तालाब, हटनिया तालाब, बड़ा तालाब, अरगोड़ा तालाब, मधुकम तालाब, कटहल गोंदा, देवी मंडप सरोवर नगर, भट्ठा गढ़ा (कांके डैम), ओझा मार्केट (कांके डैम), हेहल तालाब, जगन्नाथपुर तालाब, धुर्वा छोटा डैम, धुर्वा डैम, बटन तालाब, घाघरा घाट (नामकोम), तेतरी टोली (नामकोम), सिपाही पुल (जोरार) और हुंडरू तालाब शामिल हैं. नगर निगम ने इन जलाशयों में अर्घ अर्पण करने वाले व्रतियों के लिए सामान्य सूचना जारी की है. निगम ने सभी से आग्रह किया है कि अर्घ देते समय किसी भी स्थिति में बैरिकेडिंग से आगे न जाएं, क्योंकि आगे गहरा पानी है.

बटन तालाब :

बटन तालाब प्रमुख तालाबों में से एक है. यहां पानी की गहराई को देखते हुए खतरे के निशान के लिए बांस लगाया गया है. दीपावली और काली पूजा के पूजन सामग्री तालाब के किनारे बिखरे पड़े हैं. कई जगह चुनरी, मूर्ति सहित अन्य पूजन सामग्री फेंकी गयी है.

सभी जलाशयों में होगी बैरिकेडिंग, गोताखोर रहेंगे तैनात

अधिक जलस्तर को देखते हुए नगर निगम ने सभी जलाशयों में बैरिकेडिंग करने के साथ ही स्थानीय गोताखोरों की मदद लेने का निर्णय लिया है. इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ की तैनाती को लेकर जिला प्रशासन से भी पत्राचार किया गया है.

बैरिकेडिंग का कार्य शुरू

महापर्व को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने सभी 74 घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू करा दिया है. इसके तहत बांस-बल्ली लगाने का कार्य प्रगति पर है. निगम का लक्ष्य है कि 25 अक्तूबर की शाम तक सभी जलाशयों में बैरिकेडिंग का कार्य पूरा कर लिया जाये. सभी घाटों पर खतरे के संकेत दर्शाने के लिए रेड रिबन और रंग-बिरंगे गुब्बारे भी लगाये जायेंगे.

आर्टिफिशियल तालाबों की खुदाई पूरी

महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ अर्पित करने के लिए नदी, तालाब और डैमों पर पहुंचते हैं. भीड़ को देखते हुए कई लोग अपने मोहल्ले में ही अर्घ देना पसंद करते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इस वर्ष 64 स्थानों पर आर्टिफिशियल तालाबों की खुदाई कराई है. इन तालाबों के आसपास निगम कर्मियों द्वारा प्रतिदिन सफाई अभियान चलाया जा रहा है. 25 अक्तूबर से 27 अक्तूबर तक इन सभी आर्टिफिशियल तालाबों में टैंकरों के माध्यम से पानी भरा जायेगा.

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केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री ने किया तालाबों का निरीक्षण

एचइसी सेक्टर तीन स्थित मत्स्य पालन तालाब का बुधवार को केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक डेयरी के तरफ से आने वाली कच्ची सड़क को पक्का और लाइट लगाने की व्यवस्था कर दी जायेगी. मालूम हो कि 12 तालाब है. पहले दो तालाब 10 फीट गहरा है. हर साल सैंकड़ों छठ व्रती यहां व्रत करने पहुंचती हैं. तालाब के किनारे अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए घाट घेरने का काम दुर्गापूजा से ही शुरू हो चुका था.

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