Ranchi News : यीशु का जन्म प्रेम और मानवता का संदेश : आर्चबिशप

यीशु के जन्म का प्रचार प्रसार स्वर्गदूतों ने पहले किया था. स्वर्गदूतों के समूह ने सबसे पहले चरवाहों को यह बताया था कि एक मुक्तिदाता का जन्म हुआ है.

रांची. यीशु के जन्म का प्रचार प्रसार स्वर्गदूतों ने पहले किया था. स्वर्गदूतों के समूह ने सबसे पहले चरवाहों को यह बताया था कि एक मुक्तिदाता का जन्म हुआ है. यह बातें आर्चबिशप विसेंट आईंद ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि यीशु का जन्म प्रेम, मानवता, भाईचारा का संदेश है. स्वर्गदूतों ने यीशु के जन्म के समय सबसे पहले यह संदेश उस समय के समाज के सबसे निम्न स्तर पर रहे लोग यानी चरवाहों को दिया. चरवाहें जो फिलीस्तीन में पथरीली भूमि पर रहते थे. वे अपने भेड़ों के झुंड के लिए पानी और हरियाली वाले स्थानों की खोज में रहते थे. ऐसे में ही उन्हें सबसे पहले स्वर्गदूतों का संदेश मिलता है. ख्रीस्त जयंती का आज का संदेश भी वहीं है जो उस समय था. आर्चबिशप ने कहा कि पूर्व पोप फ्रांसिस ने 2025 को जुबली वर्ष घोषित करते हुए आशा के तीर्थयात्री कहा था. इस साल का विधिवत समापन रांची में संत मरिया महागिरजाघर सहित अन्य स्थानों पर 28 दिसंबर को होगा. जबकि रोम में इसका समापन 2026 के 6 जनवरी को होगा. उस दिन पूरे यूरोप में सार्वजनिक छुट्टी होती है. उन्होंने कहा कि इस साल हम सकारात्मक रहे हैं. आनेवाले साल के बारे में संत पापा (पोप) घोषणा करेंगे. इस अवसर पर आर्चबिशप के सचिव फादर असीम उपस्थित थे.

यीशु का जन्म भाईचारा, समानता और स्वतंत्रता का संदेश : मॉडरेटर

रांची. बेथेसदा वीमेंस टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में गुरुवार को क्रिसमस गैदरिंग हुई. मुख्य अतिथि जीइएल चर्च के मॉडरेटर बिशप मार्शल केरकेट्टा ने कहा कि यीशु का जन्म ही आनंद की बात है. उनका जन्म मानवता के लिए हुआ. यीशु के जन्म के समय कई अलौकिक बातें हुई थी. जैसे तारे का चमकना, स्वर्गदूतों का आना, कुंआरी का गर्भवती होना. भाईचारा, स्वतंत्रता और समानता उनके जन्म का संदेश है. यीशु हमें क्षमा करते हैं, पाप से छुटकारा देते हैं. इस आगमन हमें चाहिए कि हम यीशु का स्वागत समर्पण और हृदय के साथ करे. इस अवसर पर कॉलेज की छात्राओं ने यीशु के जन्मपर्व पर आधारित नेटेविटी प्ले किया. छात्राओं ने कई क्रिसमस कैरोल भी गाए. चरनी उपरे का तारा टिमटिम.., शीत पानी झरे.. सहित अन्य कैरोल गाए गए. कार्यक्रम में बिशप सीमांत तिर्की, जीइएल चर्च के महासचिव ईश्वरदत्त कंडुलना, फाइनांस सचिव अटल खेस, पूर्व बिशप जोनसन लकड़ा, डॉ सिद्धार्थ एक्का, कॉलेज की प्रो इंचार्ज डॉ दीपशिखा बाखला, आशा बागे सहित कॉलेज की छात्राएं उपस्थित थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >